सिमडेगा. सदर अस्पताल परिसर में बुधवार को मेगा महिला स्वास्थ्य शिविर व दृष्टि सुरक्षा अभियान के तहत लगे शिविर में कुल 979 मरीजों की जांच की गयी, जिसमें महिलाओं व नेत्र रोगियों की विशेष स्क्रीनिंग की गयी. शिविर में 214 महिलाओं की जांच की गयी. जांच के दौरान 15 महिलाओं में सर्वाइकल प्री-कैंसर के लक्षण पाये गये, जिनमें 10 महिलाओं का क्रायो उपचार किया गया, जबकि पांच महिलाओं को बायोप्सी के लिए रेफर किया गया. इसके अलावा पॉलिप के दो तथा यूटेरस प्रोलैप्स के तीन मरीज चिह्नित किये गये. विजन फॉर झारखंड अभियान के तहत 352 लोगों की आंखों की जांच की गयी. जांच में 43 मोतियाबिंद मरीज, 15 रेटिना के जटिल रोगी, दो कॉर्निया रोग से ग्रसित बच्चे, दो केराटोकोनस के मरीज, आठ जन्मजात नेत्र विकार व एक ग्लूकोमा मरीज की पहचान हुई. इसके अलावा 127 लोगों को चश्मे की जरूरत पायी गयी. इनमें गंभीर मरीजों का इलाज रांची स्थित कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में आयुष्मान भारत योजना के तहत नि:शुल्क किया जायेगा. वूमेन डॉक्टर्स विंग, आइएमए झारखंड की चेयरपर्सन व कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल की निदेशक डॉ भारती कश्यप ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से दूरस्थ व आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना था. उन्होंने बताया कि पिछले 35 वर्षों में दृष्टि सुरक्षा अभियान के तहत 25 लाख से अधिक बच्चों की आंखों की जांच की जा चुकी है. पिछले 12 वर्षों में छह लाख से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग की गयी है. उन्होंने बताया कि सिमडेगा के सफल आयोजन के बाद अभियान को नारायणपुर, जामताड़ा और देवघर जिलों में भी चलाया जायेगा.
शिविर का उद्देश्य दूरस्थ व आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना : डॉ भारती कश्यप
मेगा महिला स्वास्थ्य व नेत्र शिविर में 979 मरीजों की हुई जांच
