सिमडेगा. मेघालय की एसआरएलएम टीम ने कोलेबिरा व सिमडेगा प्रखंडों का एक्सपोजर विजिट किया. यह भ्रमण विशेष रूप से फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान के अध्ययन और उसके प्रभावों को समझने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं और कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने में किस प्रकार सहायक सिद्ध हो रही है. भ्रमण की शुरुआत कोलेबिरा प्रखंड के जामटोली गांव से हुई, जहां प्रतिनिधियों ने एक स्मॉल ग्रुप मीटिंग का अवलोकन किया. इस दौरान उपस्थित नव जीवन सखी व लाभुकों के साथ टीम ने सीधे संवाद स्थापित किया. लाभुकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अभियान के तहत मिलने वाले ब्याज मुक्त ऋण ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाया है. इस वित्तीय सहायता से उन्होंने सब्जी उत्पादन, बकरी पालन, सुअर पालन, बैकयार्ड पोल्ट्री तथा छोटे व्यवसाय जैसे वैकल्पिक आजीविका के साधनों को अपनाया है. इससे उनकी आय में वृद्धि के साथ आर्थिक सशक्तीकरण भी हुआ है. प्रतिनिधिमंडल ने यह भी समझा कि सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका इस अभियान की सफलता में अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस क्रम में उन्होंने कोलेबिरा व अरानी क्लस्टर स्तरीय संगठन के सदस्यों से मुलाकात की. क्लस्टर सदस्यों ने परियोजना के क्रियान्वयन, निगरानी व लाभुकों के मार्गदर्शन में अपनी भूमिका की विस्तृत जानकारी दी. भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की और ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को समझा. इसके बाद टीम ने सिमडेगा हेरिटेज सेंटर सह संग्रहालय का भी दौरा किया, जहां उन्होंने जिले की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक शांति मार्डी ने मेघालय प्रतिनिधिमंडल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया.
फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान का किया अध्ययन
सिमडेगा व कोलेबिरा में मेघालय एसआरएलएम टीम का एक्सपोजर विजिट
