सिमडेगा: पाकरटांड़ प्रखंड के सोगड़ा में संत इग्नासियुस लोयोला पर्व के अवसर पर सांस्कृतिक नाच, हॉकी और फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसके साथ ही आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक सह कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूषण बाड़ा उपस्थित थे. उनके साथ जिप सदस्य सह कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा, पल्ली पुरोहित फादर पात्रिक खलखो समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे.
बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए MLA भूषण बाड़ा
मौके पर विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि संत लोयोला का जीवन त्याग, सेवा, अनुशासन और शिक्षा का प्रेरणास्रोत है. उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना का पाठ पढ़ाते हैं, जबकि सांस्कृतिक परंपराएं समाज की पहचान को जीवंत बनाए रखती हैं. उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना बनाए रखते हुए आगे बढ़ने और समाज व राज्य का नाम रोशन करने का आह्वान किया.
मौके पर बालक वर्ग हॉकी के फाइनल मुकाबले में पेठियार टोली ने भिखाटोली को 2-1 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया. वहीं बालिका वर्ग फुटबॉल फाइनल में पेनाल्टी शूटआउट में सरदारटोली ने पेठियार टोली को हराकर विजेता बनी.
प्रतियोगिता के विजेता और उपविजेता टीमों को भूषण बाड़ा और जोसिमा खाखा ने पुरस्कृत किया. इसके अलावा आयोजित आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य प्रतियोगिता में कुल 10 टीमों ने भाग लिया. प्रतियोगिता में सैंडीह की टीम प्रथम, पेठियार टोली द्वितीय और घोयो टोली की टीम तृतीय स्थान पर रही. तीनों विजेता टीमों को बड़ा डेग देकर सम्मानित किया गया, जबकि अन्य सभी प्रतिभागी टीमों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया.
शिक्षा और खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें युवा: जोसिमा
कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि समाज की उन्नति शिक्षा, संस्कृति और खेल के समन्वय से ही संभव है. उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी परंपराओं पर गर्व करते हुए आधुनिक शिक्षा और खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करना चाहिए. उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं.
नशामुक्त और सेवा भाव से परिपूर्ण जीवन जीयें युवा: फादर पैट्रिक खलखो
फादर पैट्रिक खलखो ने कहा कि संत इग्नासियुस लोयोला ने अपने जीवन से यह सिखाया कि ईश्वर की महिमा मानव सेवा, शिक्षा, अनुशासन और प्रेम के मार्ग पर चलने में है. उन्होंने कहा कि पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि अपने जीवन मूल्यों की समीक्षा करने का संदेश देता है. उन्होंने युवाओं से नशामुक्त, संस्कारवान और सेवाभाव से परिपूर्ण जीवन जीने का आह्वान किया.
कार्यक्रम में पल्ली पुरोहित फादर पात्रिक खलखो, सहायक पल्ली पुरोहित फादर क्लेमेंट कुल्लू, प्रधानाध्यापक फादर अलेक्स किंडो, फादर मरकूस सिंदुरिया, फादर पौलुस लकड़ा, फादर रंजीत डुंगडुंग, फादर प्रवीण मिंज, फादर सुशील गुड़िया, फादर तारसियुस, फादर अगुस्टीन तिर्की, फादर जुगल किशोर लकड़ा, फादर नेल्सन टोप्पो, फादर मार्को, सुपीरियर सिस्टर मंजुला, सिस्टर प्रिसका कुजूर, सिस्टर ब्रिजिनिया धनवार, सिस्टर आभा लकड़ा समेत अन्य उपस्थित थे.
