सिमडेगा: पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे के निर्देश पर पुलिस द्वारा कम्यूनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम मोर पुलिस मोय पुलिस के तहत 29 जुलाई से 4 अगस्त तक जिले के सभी थाना एवं ओपी क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान ग्राम सभाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की सहभागिता से लोगों को विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर जागरूक किया गया.
ग्रामीणों को कानून और सुरक्षा की दी जानकारी
अभियान में मानव तस्करी, सड़क सुरक्षा, सर्पदंश से बचाव, साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, महिला उत्पीड़न, बाल संरक्षण तथा डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणाम और उनसे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई. ग्रामीणों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें तथा अफवाहों और अंधविश्वास से दूर रहें.
छात्रों को नशामुक्त जीवन का संदेश
स्कूलों और कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया. युवाओं की समितियां गठित कर उन्हें सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया. साथ ही सड़क दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में तत्काल डायल-112 पर सूचना देने की अपील की गई.
साइबर ठगी से बचाव की दी जानकारी
साइबर ठगी से बचाव के लिए लोगों को एनसीआरपी पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी भी दी गई. अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की. पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों से मानव तस्करी, महिला एवं बाल उत्पीड़न, साइबर अपराध, सड़क दुर्घटनाओं, डायन प्रथा और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की. उन्होंने कहा कि आमजन के सहयोग से ही सुरक्षित, जागरूक और अपराधमुक्त समाज का निर्माण संभव है.
