लाह उत्पादन का हब बनेगा सिमडेगा, किसानों को मिलेगा बेहतर दाम और बाजार

झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सिमडेगा को लाह उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना का खुलासा किया है. जिले में लाह के स्थानीय प्रसंस्करण और कीट पालन की व्यवस्था स्थापित की जाएगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि का लक्ष्य है.

सिमडेगाः झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की मंगलवार को सिमडेगा पहुंची. जहां उन्होंने जलडेगा और ठेठईटांगर क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और लाह उत्पादन क्षेत्र का निरीक्षण किया. इसके बाद सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए. प्रेस कांफ्रेंस में मंत्री ने कहा कि सरकार सिमडेगा को लाह उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है.

स्थानीय स्तर पर लाह का प्रसंस्करण कराने की तैयारी

मंत्री ने कहा कि सिमडेगा में वन उत्पाद काफी मात्रा में हैं और जिले की बड़ी आबादी की आजीविका इनसे जुड़ी हुई है. लाह उत्पादन भी ग्रामीणों की आय का एक महत्वपूर्ण साधन है. लेकिन जिले में लाह के मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण की पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण किसानों को खुले बाजार में व्यापारियों को कम कीमत पर लाह बेचनी पड़ती है. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि जिले में ही लाह के प्रसंस्करण की सुविधा विकसित की जाए, ताकि किसानों को अपने उत्पाद का बेहतर दाम मिल सके और उनकी आय बढ़े.

पत्रकारों से वार्ता करती मंत्री नेहा शिल्पी | Prabhat Khabar Network


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एक दिन में 40 किलो लाह के प्रसंस्करण की तकनीक

मंत्री ने बताया कि भ्रमण के दौरान दिशा संस्था के निदेशक ने लाह प्रसंस्करण की तकनीक के बारे में जानकारी दी. इस तकनीक से एक दिन में करीब 40 किलो लाह का प्रसंस्करण किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दिशा संस्था के अलावा अन्य संस्थाओं को भी जिले में लाह प्रसंस्करण के क्षेत्र में काम करने की जिम्मेदारी दी जाएगी. इन कार्यों की नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सके.

जिला मुख्यालय में तैयार किए जायेंगे लाह कीट

शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि रांची से सिमडेगा सहित अन्य जिलों में लाह कीट ले जाने के दौरान बड़ी संख्या में कीट मर जाते हैं. इससे किसानों को नुकसान होता है. इसे देखते हुए जिला मुख्यालय में ही लाह कीटों के पालन और उनके भ्रूण तैयार करने की व्यवस्था विकसित करने की तैयारी की जा रही है. मंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर यह व्यवस्था विकसित होने से लाह किसानों को सुविधा मिलेगी और कीटों के मरने से होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सकेगा.

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बालू घाटों की नीलामी की तैयारी पूरी

बालू घाटों की नीलामी से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि एनजीटी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद राज्य सरकार ने बालू घाटों की नीलामी की तैयारी लगभग पूरी कर ली है. उन्होंने कहा कि नीलामी की प्रक्रिया में ग्राम सभाओं को भी शामिल किया जाएगा. प्रेस कांफ्रेंस में कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, जिला परिषद सदस्य सामरोम पौल टोपनो समेत अन्य लोग मौजूद थे.

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