सिमडेगाः सिमडेगा महाविद्यालय परिसर में बुधवार को पौधा मेले का आयोजन किया गया. मेले में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और करीब 400 औषधीय, उपयोगी एवं शोभायमान पौधों का प्रदर्शन किया. विद्यार्थियों ने प्रदर्शित पौधों की विशेषताओं, उपयोगिता और संरक्षण के संबंध में भी जानकारी दी. पौधा मेले का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, हरित वातावरण के महत्व तथा औषधीय एवं उपयोगी वनस्पतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा.
पुरानी वस्तुओं से बनाए आकर्षक गमले
विद्यार्थियों ने अपने-अपने विभाग की ओर से पौधों का प्रदर्शन करते हुए उनके उपयोग और संरक्षण का संदेश दिया. मेले की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने अवशिष्ट पदार्थों और पुरानी अनुपयोगी वस्तुओं का पुनः उपयोग कर आकर्षक गमले तैयार किए. इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया.
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शिक्षकों ने पौधों की विशेषताओं की ली जानकारी
इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य प्रो. देवराज प्रसाद सहित डॉ. त्रियो एक्का, डॉ. ब्रजेश प्रियदर्शी, रीमा सुप्रिया कुजूर, डॉ. अतेन्द्र कुमार, बिशेश्वर मुंडा, संजय कुमार, संज्योति लकड़ा, प्रदीप लोहरा, चेतन सिंह मुंडा, ऑलिव डुंगडुंग, उर्मिला देवी, स्मिता कुमारी राम एवं सचिन कुमार साहू समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे. शिक्षकों ने विभागवार लगाए गये पौधों का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से पौधों की विशेषताओं एवं उपयोगिता की जानकारी ली.
हरित विकास में उपयोग होंगे उपयुक्त पौधे
शिक्षकों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ती है. प्रदर्शित पौधों में से उपयुक्त औषधीय और शोभायमान पौधों का उपयोग भविष्य में महाविद्यालय परिसर के हरित विकास, सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जा सकता है. विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से पौधा मेला सफल और सार्थक रहा. महाविद्यालय परिवार ने इसे पर्यावरण संरक्षण और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया.
