कोलेबिरा. प्रखंड की टूटीकेल पंचायत में सरहुल महापर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से कोलेबिरा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष राकेश कोंगाड़ी, महिला प्रखंड अध्यक्षा महिमा केरकेट्टा, प्रखंड सांसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया, कोलेबिरा विस युवा अध्यक्ष अमृत डुंगडुंग, अल्पसंख्यक प्रदेश सचिव फुल्केरिया डांग, पूर्वी मंडल अध्यक्ष जोसेफ सोरेंग, टूटीकेल पंचायत अध्यक्ष संजय डांग, रैसियां पंचायत अध्यक्ष कांदरू नायक तथा कोलेबिरा पंचायत अध्यक्ष कुलदीप सोरेंग उपस्थित थे. सरहुल महापर्व की शुरुआत स्थानीय पहान द्वारा साल के फूलों से पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ की गयी. पूजा के बाद ग्रामीणों ने सड़क टोली से लेकर पूर्व दिशा की सीमा तक जुलूस निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. प्रखंड सांसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया ने कहा कि सरहुल पर्व झारखंड के आदिवासी समाज का प्रमुख प्रकृति पर्व है. इसमें धरती और सूर्य के मिलन का प्रतीक माना जाता है और प्रकृति की पूजा की जाती है. कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष राकेश कोंगाड़ी ने कहा कि सरहुल महापर्व सामुदायिक एकता, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और कृषि वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है. कहा कि सरहुल पूजा के बाद ही नये फल और अनाज का उपयोग किया जाता है. यह आदिवासी संस्कृति में प्रकृति की पूजा का महत्वपूर्ण पर्व है और प्रकृति, संस्कृति व परंपरा का प्रतीक है. मौके पर उपस्थित अन्य लोगों ने कहा कि यह पर्व आदिवासी समाज की पहचान और एकता को मजबूत करता है. साथ ही नयी पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाने का संदेश देता है तथा प्रकृति संरक्षण और सामाजिक सद्भाव का भी संदेश देता है. कार्यक्रम में पहान सब्रियश डांग, ग्राम सभा अध्यक्ष ख्रीस्त पॉल डांग, महतो खूंट राजा सैमुएल डांग, प्रदीप डांग, अणिमा पांडू, दीपू कोंगाड़ी, सुनील डांग, पवन डांग, इलानी डांग आदि उपस्थित थे.
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