झारखंड के सिमडेगा जिले में बुधवार को स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा संगम देखने को मिला. सदर अस्पताल परिसर में आयोजित मेगा महिला स्वास्थ्य शिविर और विजन फॉर झारखंड अभियान के तहत कुल 979 मरीजों के स्वास्थ्य की बारीकी से जांच की गयी. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने इस भव्य कार्यक्रम का उद्घाटन किया.
स्वास्थ्य मंत्री ने सर्वाईकल कैंसर को रोकने के उपाय के तहत सभी लड़कियों को टीका लगवाने की बात कही. इस दौरान यह भी घोषणा की गयी कि सिमडेगा, खूंटी और गुमला के कॉर्निया और रेटिना की बीमारियों से ग्रसित बच्चों और बुजुर्गों का रांची स्थित कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में आयुष्मान भारत योजना के तहत बिल्कुल मुफ्त इलाज किया जायेगा.
वीमेन डॉक्टर्स विंग (IMA झारखंड) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संयुक्त प्रयास से आयोजित महिला स्वास्थ्य शिविर में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये. शिविर में 214 महिलाओं की जांच हुई. इनमें से सर्वाइकल प्री-कैंसर के लक्षण वाले 15 मरीज मिले. 10 महिलाओं का मौके पर ही क्रायो उपचार किया गया, जबकि 5 महिलाओं को बायोप्सी के लिए रेफर किया गया. यूटेरस प्रोलैप्स के 3 और पॉलिप के 2 मरीज भी चिह्नित किये गये.
352 लोगों की आंखों की जांच, 43 को मोतियाबिंद
‘विजन फॉर झारखंड’ अभियान के तहत आंखों के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था की गयी थी. कॉर्निया और रेटिना की गंभीर बीमारियों से ग्रसित 15 मरीज मिले, जिनका इलाज कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में होगा. केराटोकोनस और कॉर्निया की बीमारी से पीड़ित 2-2 बच्चे मिले. इसके अलावा जन्मजात अविकसित आंखों के 8 मासूम मरीज मिले. शिविर में 127 मरीजों को चश्मे के नंबर दिये गये और 43 लोगों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई.
अब नारायणपुर और देवघर की बारी
वीमेन डॉक्टर्स विंग की चेयरपर्सन डॉ भारती कश्यप ने बताया कि अब तक झारखंड मॉडल के तहत 6.01 लाख से ज्यादा महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि मोबाइल विजन सेंटर के जरिये करीब 25 लाख सरकारी स्कूल के बच्चों की आंखों की जांच की गयी है. सिमडेगा की सफलता के बाद अब यह अभियान जामताड़ा के नारायणपुर के साथ-साथ देवघर में भी चलाया जायेगा.
स्वास्थ्य शिविर में ये लोग रहे मौजूद
शिविर के दौरान सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह, डीडीसी दीपांकर चौधरी, विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी और भूषण बाड़ा ने वीमेन डॉक्टर्स विंग के कार्यों की सराहना की. विंग पिछले 12 वर्षों से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए समर्पित है.
