सिमडेगा. सिमडेगा कॉलेज में शनिवार को विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के तत्वावधान में 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (एनसीएससी-2026) को लेकर शिक्षक प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित की गयी. कार्यशाला का विषय सततता के लिए विज्ञान एवं नवाचार था. इसमें विभिन्न विद्यालयों के विज्ञान शिक्षक, जिला समन्वयक व प्रतिभागी शामिल हुए.
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया. मौके पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो देवराज प्रसाद, जिला शिक्षा पदाधिकारी दीपक राम और डॉ ब्रजेश प्रियदर्शी को सम्मानित किया गया. प्राचार्य प्रो देवराज प्रसाद ने कहा कि झारखंड के बच्चे राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस जैसे कार्यक्रमों में उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं. शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और रचनात्मक क्षमता विकसित करने में सहयोग करें.
राज्य समन्वयक राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, झारखंड डॉ अतेंद्र कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्य, प्रक्रिया और आगामी गतिविधियों की जानकारी दी. उन्होंने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया. प्रथम रिसोर्स पर्सन शबीर अहमद शबीर ने बाल विज्ञान कांग्रेस की उपयोगिता और बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के तरीकों पर प्रकाश डाला. उन्होंने स्थानीय समस्याओं को वैज्ञानिक नजरिये से समझकर समाधान तलाशने पर जोर दिया.
इंजीनियर विकार हुसैन ने परियोजना चयन, प्रोजेक्ट तैयार करने, डेटा संग्रह, प्रयोग, प्रस्तुतीकरण और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया समझायी. कार्यशाला में सिमडेगा के जिला समन्वयक सत्यजीत कुमार, सेंट जेवियर्स कॉलेज रांची के जिला समन्वयक रवि कुमार बोम्माली, लातेहार के जिला अकादमिक समन्वयक राजेश कुमार समेत विभिन्न जिलों के समन्वयक व शिक्षक मौजूद थे. अंत में एनसीएससी राज्य समन्वयक समिति के सदस्य डॉ जितेश पासवान ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
