सिमडेगा.उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में जन्म-मृत्यु के शत-प्रतिशत निबंधन को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में निबंधन की प्रगति, सरकारी व निजी अस्पतालों से रिपोर्टिंग और प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गयी.
अस्पतालों को निर्देश
उपायुक्त ने पिछले तीन वर्षों की माहवार और वर्षवार जन्म-मृत्यु निबंधन सूची उपलब्ध कराने के साथ सूचकों की सूची तैयार करने को कहा. निजी अस्पतालों से मासिक रिपोर्ट लेने के बजाय पत्र प्रेषित कर प्रतिदिन रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा हर महीने निबंधन की समीक्षा बैठक आयोजित करने और ऑपरेटरों की क्षमता निर्माण के लिए अगले माह प्रशिक्षण आयोजित करने को कहा गया.
फर्जीवाड़े पर रोक और डिजिटलीकरण पर जोर
बैठक में फर्जी पंजीकरण, फर्जी प्रमाण-पत्र और यूजर क्रेडेंशियल के दुरुपयोग को रोकने के निर्देश दिये गये. अधिकारियों को ओटीपी और लॉगिन साझा नहीं करने की हिदायत दी गयी. साथ ही हस्तलिखित प्रमाण-पत्रों के डिजिटलीकरण के दौरान संबंधित रजिस्टरों से सत्यापन पर विशेष जोर दिया गया.
संस्थागत प्रसव
डीसी ने निर्देश दिया कि संस्थागत प्रसव के सभी मामलों में नवजात का जन्म प्रमाण-पत्र हाथों-हाथ उपलब्ध कराया जाये. बैठक में परियोजना निदेशक आइटीडीए सरोज तिर्की, सिविल सर्जन डॉ सुंदर मोहन सामद, जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
