कोलेबिरा. कोलेबिरा-सिमडेगा मुख्य की हालत दिनों दिन बदतर होती जा रही है. जगह-जगह बने गड्ढे और उड़ती धूल ने लोग परेशान हैं. हालत यह है कि अब दुकानों और घरों के अंदर तक धूल की मोटी परत जमने लगी है. ग्रामीणों का कहना है कि सुबह सफाई करने के कुछ ही घंटे बाद फिर से सबकुछ धूल से ढक जाता है. लगातार धूल उड़ने से लोगों की आंखों, गले और सांस की तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है. कोलेबिरा वन विभाग चेकनाका से लेकर छगरीबंधा तक सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं. सड़क पर जैसे कोई वाहन गुजरता है, हवा में धूल के बादल छा जाते हैं. राहगीरों को मजबूरन अपनी आंखें और मुंह ढक कर चलना पड़ता है. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि दिन भर सफाई करने के बावजूद दुकान में फिर से धूल जमने लगती है. इससे खाने-पीने की चीजें और अन्य सामान खराब होने लगे हैं. सड़क किनारे रहने वाले लोगों के घर भी धूल से भर जा रहे हैं. महिलाओं का कहना है कि दिन में दो से तीन बार सफाई करने के बाद भी दीवारें, फर्नीचर और रसोई के बर्तन तक धूल से भर जाते हैं .धूल से बच्चों और बुजुर्गों में खांसी, सांस की दिक्कत और एलर्जी जैसी समस्याएं आम हो गयी हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गुहार लगायी है कि जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत की जाये, ताकि उन्हें राहत मिल सके.
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