सिमडेगा. एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में रविवार को 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए पुरुष हॉकी टूर्नामेंट का उद्घाटन किया गया. प्रतियोगिता का उदघाटन मुख्य अतिथि विधायक भूषण बाड़ा व जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर खेल की शुरुआत की. विधायक ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सिमडेगा हॉकी की जन्मभूमि रही है. हमारे बच्चे जिस तरह नंगे पांव से शुरुआत कर इंटरनेशनल स्तर तक पहुंचे हैं, वह प्रेरणादायी है. उन्होंने कहा कि आज जब हम 40 वर्ष से ऊपर के खिलाड़ियों को उसी जोश और जुनून के साथ मैदान पर उतरते देख रहे हैं, तो यह हमारे लिए गर्व की बात है. यह साबित करता है कि खेल का असली मकसद सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि जीवन भर फिट, अनुशासित और आत्मविश्वासी बने रहना है. उन्होंने कहा कि उम्रदराज खिलाड़ियों का यह टूर्नामेंट नयी पीढ़ी को यह संदेश देगा कि खेल की कोई उम्र नहीं होती. विधायक ने आश्वासन दिया कि जिले में हॉकी के और बेहतर विकास के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेगा. उद्घाटन मैच बोलबा व रेंगारीह के बीच खेला गया, जिसमें रेंगारीह ने 8-1 से जीत दर्ज की. आज कुल चार मैच खेले गये. कुजूर ब्रदर बनाम रेनो क्लब बुधराटोली के बीच खेला गया मैच निर्धारित समय तक बराबरी पर रही. ट्राई ब्रेकर में कुजूर ब्रदर की टीम 4-3 गोल से विजयी रही. तीसरे मैच में सेरेंडों की टीम ने केरसई टीचर संघ को 5-2 से पराजित किया और अंतिम मैच में कोचडेगा बासपहाड़ की टीम ने रसिया को 6-1 से पराजित कर अगले चक्र में प्रवेश किया. आज के मैच को सफल बनाने में मुख्य रूप से हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी, पंखरासियुस टोप्पो, कमलेश्वर मांझी बसंत बा, वेद प्रकाश, कुनूल भेंगरा, रोहित बेसरा, फ्लेबियुस तिर्की, तालिम तिग्गा, सुशीला कुजूर, मनसुख सुरीन आदि की अहम भूमिका रही.इस मौके पर मुख्य रूप से सिमडेगा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर अशोक मिश्रा, शिक्षाविद साधु मालवा , पूर्व सैनिक थियोडर मिंज, फादर बेनेदिक कुजूर, पूर्व हॉकी खिलाड़ी एलेक्सिस लकड़ा, विधायक प्रतिनिधि संतोष सिंह, सिलबेस्टर बाघवार सहित कई लोग उपस्थित थे.
मास्टर्स कप हॉकी प्रतियोगिता से युवा लेंगे सीख: जोसिमा खाखा
जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि आज का दृश्य वाकई अद्भुत है. यह युवाओं के लिए एक बड़ी सीख है. यह टूर्नामेंट सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जीवन में कभी हार न मानने की प्रेरणा है. उन्होंने महिला खिलाड़ियों और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
