कैदियों से बात कर मिलने वाली सुविधाओं की ली जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम ने मंडल कारा का किया निरीक्षण

सिमडेगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम ने मंडल कारा का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान जेल की व्यवस्थाओं, सुविधाओं व प्रशासनिक रिकॉर्ड का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान टीम ने जेल के बैरकों, वार्डों समेत अन्य भवनों का भ्रमण किया. साथ ही कैदियों से बातचीत कर उनकी स्थिति व सुविधाओं के बारे में जानकारी ली. बातचीत के आधार पर टीम ने पाया कि जेल में जाति, धर्म या पंथ के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है. टीम ने कैदियों को दिये जाने वाले भोजन की भी जांच की. जांच में पाया गया कि भोजन जेल नियमावली में निर्धारित मेनू के अनुसार तैयार किया जा रहा है और इसकी गुणवत्ता भी संतोषजनक है. इसके अलावा जेल के रजिस्टर और अभिलेखों की जांच की गयी, जो पूरी तरह अद्यतन पाया गया. निरीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि कैदियों के रिकॉर्ड में उनकी जाति का उल्लेख नहीं किया जा रहा है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप है. स्वच्छता व्यवस्था भी संतोषजनक पायी गयी. सभी बैरक और वार्ड साफ-सुथरे व कीटाणु रहित मिले. निरीक्षण के समय मंडल कारा में कुल 219 कैदी निरुद्ध पाये गये. इनमें 211 पुरुष और 8 महिला कैदी शामिल हैं. कुल कैदियों में 211 विचाराधीन तथा आठ दोषी कैदी हैं. पीडीजे राजीव कुमार सिन्हा के नेतृत्व में हुए निरीक्षण दल में प्राधिकार सचिव मरियम हेमरोम, डीएसपी रणवीर सिंह, समाज कल्याण पदाधिकारी सूरजमणि कुमारी, चीफ एलएडीसीएस प्रभात कुमार श्रीवास्तव, जेल अधीक्षक अजय कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा कुमारी आदि शामिल थे. बताया गया कि यह निरीक्षण सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप जेलों में समानता, पारदर्शिता और मानवीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >