सिमडेगा. सिमडेगा विधायक सह कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूषण बाड़ा घने जंगलों के बीच में स्थित मुड़िया पंचायत के सूतराम गांव पहुंच ग्रामीणों की समस्याएं सुनी. विधायक ने जब गांव में कदम रखा तो पूरे गांव का माहौल एक उत्सव में बदल गया. क्योंकि आजादी के बाद पहली बार सूतराम गांव में किसी विधायक के कदम पड़े थे. इस दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ विधायक और जिप सदस्य सह कांग्रेस महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष जोसिमा खाखा के स्वागत के लिए उमड़ पड़ी. ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और उत्साहपूर्ण नारों के साथ ग्रामीणों ने विधायक और जिप सदस्य का जोरदार स्वागत किया. ग्रामीणों ने बताया कि सूतराम गांव वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहा है और आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब किसी जनप्रतिनिधि ने गांव में आकर उनकी समस्याओं को सीधे सुना. गांव पहुंचते ही विधायक ने ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी कठिनाइयों को गंभीरता से सुना. इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली और सड़क की गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया. मौके पर विधायक ने ग़रीब और असहाय लोगों के बीच कंबल का भी वितरण किया. मौके पर उप प्रमुख सिलबेस्टर बघवार, प्रखंड उपाध्यक्ष अमृत डांग,पूर्व मुखिया मुक्ता तिर्की,प्रतिमा कुजूर,जिदन जोजो,सनातन लुगुन, दिनाकरन बुड़, जोलेन समद,सलीम जोजो,अरबिंद जोजो, सुगड़ लुगुन,स्नेहलता तिर्की, आश्रिता लुगुन,बहमनी समद, सुसारी जोजी,आदि मौजूद थे.
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गांवों तक विकास की रोशनी पहुंचाना प्राथमिकता: विधायक
मौके पर विधायक भूषण बाड़ा ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही समस्याओं का समाधान कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि दूरस्थ और जंगलों के बीच बसे गांवों तक विकास की रोशनी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है. कहा कि चाहे गांव जंगल के बीच हो या जिला मुख्यालय से दूर, हर गांव तक पहुंचना उनका संकल्प है. सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए वह लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं.
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गांव तक पहुंच कर समस्या सुनना ही जनसेवा: जोसिमा खाखा
महिला जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि सूतराम गांव में उमड़ा जनसैलाब यह दर्शाता है कि ग्रामीण आज बदलाव चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जंगलों के बीच बसे गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनना ही सच्ची जनसेवा है. यह गर्व की बात है कि विधायक भूषण बाड़ा हर गांव तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सड़क और बिजली केवल सुविधा नहीं यह शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से भी जुड़ी हुई है. इन सुविधाओं के आने से गांव की महिलाओं और बच्चों का जीवन आसान होगा.
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