स्वतंत्रता दिवस पर मनोज कोनबेगी ने किया ध्वजारोहण, कहा- जब गांव होगा शिक्षित, तभी देश बनेगा विकसित

स्वतंत्रता दिवस पर मनोज कोनबेगी ने सिमडेगा के बच्चों को पुस्तकें देकर सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि शिक्षित गांव से ही देश का विकास संभव है.

सिमडेगाः ठेठईटांगर प्रखंड अंतर्गत आजादी से पूर्व स्थापित कोनबेगी विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया. गांव निवासी एवं हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी ने ध्वजारोहण किया. इसके बाद स्कूली बच्चों ने मार्च पास्ट कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और देशभक्ति कविताएं प्रस्तुत कीं. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर में छोटे बच्चों के बीच विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं. प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 18 बालक और 18 बालिकाओं समेत कुल 36 प्रतिभागियों को पुरस्कार स्वरूप अंग्रेजी सीखने की पुस्तकें प्रदान की गयीं. इस पहल का उद्देश्य बच्चों को खेल के साथ शिक्षा के प्रति भी प्रोत्साहित करना है.

25 वर्षों से बच्चों को खेल और शिक्षा के लिए कर रहे प्रोत्साहित

मनोज कोनबेगी पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से प्रत्येक 15 अगस्त और 26 जनवरी को अपने गांव में खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन कराते आ रहे हैं. प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुस्तकें देकर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया जाता है. उनके इस अभियान के तहत अब तक करीब 1,800 बच्चों को पुस्तकें प्रदान की जा चुकी हैं. ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को खेल के साथ शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की यह पहल क्षेत्र में सराहनीय प्रयास के रूप में देखी जा रही है.

"गांव के विकास को हमेशा प्राथमिकता देता हूं": मनोज कोनबेगी

ध्वजारोहण के बाद मनोज कोनबेगी ने विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों और ग्रामीणों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और जब गांव के लोग शिक्षित होंगे, तभी देश विकसित होगा. उनका प्रयास हमेशा खेलकूद के माध्यम से बच्चों को प्रोत्साहित करने और उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करने का रहा है. उन्होंने कहा कि व्यस्तता के बावजूद वे स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर अपने गांव में रहकर ग्रामीणों के साथ राष्ट्रीय पर्व मनाने का प्रयास करते हैं. इस वर्ष रांची में भी ध्वजारोहण का अवसर था, लेकिन अपने गांव, बचपन के विद्यालय और जिले के लोगों के प्रति लगाव के कारण उन्होंने कोनबेगी विद्यालय और हॉकी सिमडेगा कार्यालय के कार्यक्रम को प्राथमिकता दी.

गांवों के विकास से ही देश का समग्र विकास संभव

मनोज कोनबेगी ने कहा कि शहरों की अपेक्षा गांवों पर अपेक्षाकृत कम ध्यान जाता है. जब तक गांवों का विकास नहीं होगा, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है. इसलिए वे गांव को हमेशा प्राथमिकता देते हैं. उन्होंने ग्रामीणों से गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी की अपील की. वहीं बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने के साथ खेलकूद में भी आगे बढ़कर गांव, जिले और राज्य का नाम रोशन करने का आह्वान किया.

खेल के माध्यम से युवाओं को मिल रहा बेहतर भविष्य

मनोज कोनबेगी ने कहा कि ग्रामीण बच्चों को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास लगातार जारी है. उन्होंने बताया कि गांव के अंकित एक्का हॉकी सिमडेगा कार्यालय में रहकर हॉकी खेलते थे और खेल के माध्यम से उनका चयन सेना में हुआ. वहीं हॉकी खिलाड़ी विनय बड़ा का एडमिशन सेंटर फॉर एक्सीलेंस, रांची में हुआ है. इसी तरह आकाश डुंगडुंग ने जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पदक जीतकर गांव का नाम रोशन किया है. उन्होंने कहा कि इन बच्चों की उपलब्धियां साबित करती हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन, अवसर और प्रोत्साहन देने की है. कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रभा टोप्पो, संजय एक्का, शांति बड़ा, सुषमा कुजूर, बिरसा बड़ाइक सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चों के अभिभावक उपस्थित रहे.


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By Ravikant

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