इंदी परब हमारी धरोहर, इसे सहेज कर रखें : सनिका मुंडा

लचरागढ़ में मनाया गया इंदी परब, आदिवासी संस्कृति की दिखी झलक

बानो. कोलेबिरा प्रखंड के लचरागढ़ स्थित इंदटांड़ मैदान में ऐतिहासिक इंदी परब का आयोजन किया गया. इंदी परब महाराजा मदरा मुंडा के पुत्र मनी मुकुट राय के राज्याभिषेक की स्मृति में मनाया गया. इस अवसर पर गुरुवार की रात इंदी छत्र गाड़ा गया. विभिन्न गांवों से आये पड़हा राजा और पाहनों द्वारा इंदी छत्र का पारंपरिक और विधिवत तरीके से पूजा की गयी. मुख्य अतिथि के रूप में 22 पड़हा महाराजा सनिका मुंडा व विशिष्ट अतिथि के रूप में कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष रावेल लकड़ा, झामुमो जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना, सांसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया, लचरागढ़ मुखिया जिरेन मड़की, पंसस फुलकेरिया डांग, झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य नोवास केरकेट्टा, फिरोज अली, क्रीड़ा मोर्चा अध्यक्ष देवेंद्र साहू, प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश बागे उपस्थित थे. पड़हा महाराजा सनिका लुगून और अन्य पड़हा राजा और पाहनों की अगुवाई में पूजा संपन्न करायी गयी. विभिन्न गांवों से आयी नृत्य मंडलियों ने पारंपरिक ढोल-नगाड़े और मांदर के साथ आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किये. शुक्रवार की सुबह इंदी परब का आयोजन किया गया, जहां आसपास और विभिन्न गांवों से आये लोगों ने शिरकत की. विभिन्न नृत्य मंडलियों द्वारा राटा नाच, जदुरा समेत अन्य नृत्य प्रस्तुत किये गये. मौके पर नृत्य मंडलियों को सम्मानित व पुरस्कृत किया गया. कार्यक्रम में 15 सूत्रीय कार्यक्रम जिला सदस्य क्लेमेंट टेटे, कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रदेश सचिव फुलकेरिया डांग, कांग्रेस महिला प्रखंड अध्यक्ष महिमा केरकेट्टा, अंतोनी बघवार, अल्बीनुस लुगून, संजय पॉल केरकेट्टा, जोसेफ सोरेंग, राकेश कोंगाड़ी, पंकज लुगून, निलय प्रेम तिर्की, रेशमा डांग, नरेंद्र लुगून, अजीत सुरीन, जुसफ लुगून, प्रकाश बागे, देवेंद्र साहू, रितेश बड़ाइक, राजेश टोप्पो, साबिर अंसारी, एल्विन समद, महेश दास, बिरिस डुंगडुंग, अनिता सोरेंग, अजय सिंह, सुनील सिंह, विजय बघवार, जॉर्ज कंडुलना, पहान नरेंद्र लुगून, जेवियर होवो, लियोनार्डो लुगून, ग्रेगोरी समद आदि उपस्थित थे. मुख्य अतिथि सनिका मुंडा ने कहा कि इंदी परब हमारी धरोहर है, जिसे सहेज कर रखने की जरूरत है. विशिष्ट अतिथि रावेल लकड़ा ने कहा कि संस्कृति हमारी माटी से जुड़ी है. झामुमो जिलाध्यक्ष अनिल कडुंलना ने कहा कि लचरागढ़ मे मनाया जाने वाला इंदी परब सदियों पुरनी परंपरा है. इंदी मेला में झारखंडी संस्कृति की झलक दिखायी पड़ती है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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