ठेठईटांगर. प्रखंड की केरया पंचायत अंतर्गत टीपूटोली और मुंडराटोली में जलमीनार खराब होने से पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. टीपूटोली में 11 और मुंडरा टोली में 15 परिवार निवास करते हैं, जहां सभी मुंडा जनजाति के लोग हैं. दोनों टोलियों में मुखिया मद से जलमीनार लगाकर घर-घर पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की गयी थी, लेकिन पिछले सात-आठ महीनों से जलमीनार खराब होने से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है. स्थिति ऐसी हो गयी है कि ग्रामीणों को गांव के पास खेत में बने डांड़ी का पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. इस पानी का उपयोग नहाने और कपड़े धोने में भी किया जा रहा है. ग्रामीण नवीन समद ने बताया कि सरकार गांवों में पेयजल व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, इसके बावजूद उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. कहा कि जलमीनार खराब होने की सूचना पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर के जनप्रतिनिधियों और विभाग को दी गयी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. नीलिमा लुगून ने कहा कि पानी की कमी से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय तो बुनियादी सुविधाओं का वादा करते हैं, लेकिन बाद में गांव की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं रहता. शुक्रवार को आक्रोशित ग्रामीण प्रखंड कार्यालय पहुंचे और प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन सौंप कर जलमीनार की शीघ्र मरम्मत तथा नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की.
जलमीनार खराब होने से पेयजल संकट गहराया
सात-आठ माह से जलापूर्ति ठप, डांड़ी का पानी पीने को लोग मजबूर
