डीएमएफटी की योजनाएं पहले ग्रामसभा व वार्ड सभा से पारित होंगी : डीसी

सिमडेगा में डीएमएफटी बैठक, खनन प्रभावित 388 गांवों के विकास पर जोर

सिमडेगा. उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की न्यास समिति और शासी परिषद की बैठक हुई. बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र और संतुलित विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और विभिन्न योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का निर्णय लिया गया. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि डीएमएफटी के तहत संचालित सभी योजनाएं पहले ग्रामसभा और वार्ड सभा से पारित करायी जायेंगी. बिना ग्राम सभा की मंजूरी के किसी भी योजना को लागू नहीं किया जायेगा. उन्होंने योजनाओं के चयन में स्थानीय जरूरतों और जनभागीदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया. जिला खनन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि सिमडेगा जिले के 345 गांव प्रत्यक्ष रूप से और 43 गांव अप्रत्यक्ष रूप से खनन गतिविधियों से प्रभावित हैं. इस तरह कुल 388 गांवों को चिह्नित किया गया है. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन गांवों के लिए प्राथमिकता के आधार पर विकास योजनाएं तैयार कर शीघ्र स्वीकृति सुनिश्चित की जाये. बैठक में बताया गया कि जिले में पत्थर, बालू, ईंट-भट्टा और स्टोन चिप्स से जुड़ी खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं. साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का अंकेक्षण चार्टर्ड एकाउंटेंट से कराने और डीएमएफटी के सुचारू संचालन के लिए एक कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति को मंजूरी दी गयी. उपायुक्त ने कहा कि डीएमएफटी निधि का 70 प्रतिशत व्यय प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों में और 30 प्रतिशत व्यय अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित गांवों में किया जायेगा. सभी प्रभावित गांवों की अद्यतन सूची तैयार करने पर जोर दिया गया. बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी शशांक शेखर सिंह, उपविकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, सिविल सर्जन डॉ सुंदर मोहन सामाद, जिला नियोजन पदाधिकारी आशा मैक्सिमा लकड़ा, विधायक प्रतिनिधि संतोष कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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