धर्मप्रांतीय कैथोलिक संघ सम्मेलन का समापन, विश्वास व सामाजिक दायित्व पर जोर
सिमडेगा. जामपानी में आयोजित दो दिवसीय 28वां धर्मप्रांतीय कैथोलिक संघ सम्मेलन का समापन रविवार को पवित्र मिस्सा के साथ हुआ. पवित्र अनुष्ठान सिमडेगा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट बरवा एवं विकर जनरल फादर इग्नासियुस टेटे की अगुवाई में संपन्न हुआ. मौके पर धर्मप्रांत के विभिन्न भिखारिएट के डीन एवं बड़ी संख्या में धर्मबंधु उपस्थित रहे. जामपानी पल्ली के विश्वासियों ने मधुर भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया. अपने प्रवचन में बिशप विंसेंट बरवा ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक सभा नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण, सामुदायिक एकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का अवसर है. ईश्वर हम सभी को व्यक्तिगत और गहरा प्रेम का संदेश देता है. यह केवल भावना नहीं, बल्कि एक बुलावा है. उन्होंने अब्राहम की आस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनौतियों के बीच भी विश्वास में दृढ़ रहना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि प्रेम, क्षमा, सेवा और त्याग हमारे जीवन के स्तंभ होने चाहिए. विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन को सुसमाचार के मूल्यों के अनुरूप ढालें और समाज में प्रकाश बनें. फादर इग्नासियुस टेटे ने कहा कि हमारा कर्तव्य केवल प्रार्थना तक सीमित नहीं है. बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना, गरीबों के साथ एकजुटता दिखाना और शिक्षा व नैतिक मूल्यों के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाना भी है. उन्होंने कहा कि पिता कैथोलिक कलीसिया की नींव होते हैं और उन्हें समाज को सशक्त बनाने में आगे आना चाहिए. अंतिम दिन फादर केरॉबिन तिर्की ने समाज में व्याप्त गरीबी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला. सम्मेलन के दौरान धर्मप्रांत की नई कैथोलिक सभा समिति के सदस्यों को शपथ दिलायी गयी. दो दिवसीय इस सम्मेलन में सिमडेगा जिले के विभिन्न पारिश से लगभग सात हजार विश्वासी शामिल हुए. संत पापा के ध्वज को सम्मानपूर्वक उतारने के साथ सम्मेलन का समापन हुआ.ईश्वर हम सभी को व्यक्तिगत और गहरा प्रेम का संदेश देता है: बिशप विसेंट बरवा
जामपानी में आयोजित दो दिवसीय 28वां धर्मप्रांतीय कैथोलिक संघ सम्मेलन का समापन रविवार को पवित्र मिस्सा के साथ हुआ.
