सिमडेगा. प्रभात खबर में प्रकाशित समाचार औने-पौने दाम पर आम बेच रहे हैं किसान के संबंध में जिला प्रशासन एवं बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत कार्यरत फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने एवं विपणन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में ही बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया था. जिसमें आम उत्पादक किसानों सहित विभिन्न क्रेता संस्थानों एवं संबंधित हितधारकों ने भाग लिया था. इसी क्रम में फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीसी) द्वारा विभिन्न राज्यों एवं बाजारों के क्रेताओं से समन्वय स्थापित करते हुए आम के विपणन एवं निर्यात का कार्य किया जा रहा है. इसके बाद एफपीसी ने विभिन्न राज्यों और बाजारों के खरीदारों से समन्वय स्थापित कर आम के विपणन और निर्यात की प्रक्रिया शुरू की. इस व्यवस्था में इच्छुक खरीदार ई-मेल के माध्यम से अपने मूल्य प्रस्ताव भेजते हैं. एफपीसी किसानों से संपर्क कर प्रस्तावित दरों की जानकारी साझा करती है और उनकी सहमति मिलने पर ही आपूर्ति आदेश जारी किये जाते हैं. पूरी प्रक्रिया किसानों की सहमति पर आधारित, पारदर्शी और निष्पक्ष है. किसी भी स्तर पर किसानों पर मूल्य या आपूर्ति को लेकर दबाव नहीं डाला जाता. निर्धारित सेवा शुल्क काटने के बाद शेष भुगतान सीधे किसानों को किया जाता है. समाचार में जिन किसानों का उल्लेख किया गया है, वे कोलेबिरा प्रखंड के नवाटोली निवासी हैं. इन किसानों ने एफपीसी के माध्यम से विपणन न करके निजी वेंडर को कम मूल्य पर आम बेचे थे. इस पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री शांति मार्डी ने निर्देश दिया है कि संबंधित किसानों से समन्वय स्थापित कर उन्हें एफपीसी के माध्यम से बेहतर मूल्य दिलाने में सहयोग किया जाये.
किसानों को उनकी उपज का अधिकतम संभव मूल्य दिलाने का हो रहा प्रयास : शांति मार्डी
किसानों को उनकी उपज का अधिकतम संभव मूल्य दिलाने का हो रहा प्रयास : शांति मार्डी
