सिमडेगा. जिला कृषि कार्यालय के तत्वावधान में नगर भवन सिमडेगा में जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को संभावित सूखे, कम वर्षा की स्थिति तथा मौसम आधारित खेती के प्रति जागरूक करना था, ताकि आने वाले खरीफ मौसम में किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें. कार्यक्रम की शुरुआत जेएसएलपीएस की दीदियों द्वारा स्वागत गान से हुई. इसके बाद सभी अतिथियों को पौधा भेंट कर स्वागत किया गया. कर्मशाला का उद्घाटन उपायुक्त कंचन सिंह, जिप अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, नप अध्यक्ष ओलिभर लकड़ा, विधायक प्रतिनिधि शमी आलम, जिप उपाध्यक्ष सोनी पैंकरा, जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो व जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी विल्सन आनंद कुजूर ने दीप प्रज्वलित कर किया. उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि बदलते मौसम व संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए अभी से तैयारी करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. कहा कि सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधि और किसान मिल कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें, तो किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है. उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक खेती, जल संरक्षण और वैकल्पिक फसलों को अपनाने की सलाह दी. मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की संभावना को देखते हुए उन्होंने कम पानी वाली फसलों, उन्नत बीजों और आधुनिक कृषि तकनीकों पर ध्यान देने की बात कही. साथ ही मड़ुआ, गोंदली, उड़द और राहर जैसी पारंपरिक व कम जल वाली फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया. उपायुक्त ने जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए तालाब, डोभा और अन्य जलस्रोतों की सफाई एवं गहरीकरण करने की अपील की, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके. कहा कि किसानों को धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए. जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष कम वर्षा की संभावना जतायी गयी है, इसलिए किसानों को अभी से मौसम आधारित खेती अपनाने की तैयारी करनी चाहिए. उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी जांच, गोबर खाद और डोलोमाइट के उपयोग पर भी जोर दिया. कार्यक्रम में अपर समाहर्ता ज्ञानेंद्र, जिला मत्स्य पदाधिकारी सीमा टोप्पो, जिला अग्रणी प्रबंधक सनिश मिंज, जिला पशुपालन पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.
वैज्ञानिक खेती, जल संरक्षण और वैकल्पिक फसलों को अपनायें : उपायुक्त
नगर भवन सिमडेगा में जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला का आयोजन
