सिमडेगा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में न्याय तक पहुंच के लिए राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0 अभियान का संचालन किया जा रहा है. यह विशेष मध्यस्थता अभियान 31 मार्च तक चलेगा. अभियान को सफल बनाने को लेकर शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम की अध्यक्षता में मध्यस्थ अधिवक्ताओं की बैठक हुई. बैठक में अभियान की रूपरेखा, उद्देश्यों व प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गयी. सचिव ने बताया कि राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0 का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित, सुलभ व कम खर्च में निबटारा कर आमलोगों को न्याय तक शीघ्र पहुंच प्रदान करना है. अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, सड़क दुर्घटना दावा मामले, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति विभाजन, बेदखली, भूमि अधिग्रहण समेत अन्य मध्यस्थता योग्य दिवानी मामलों को शामिल किया गया है. सचिव ने कहा कि पक्षकारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अभियान के दौरान सप्ताह के सातों दिन मध्यस्थता सत्र आयोजित किये जायेंगे. यह सत्र पूरी तरह ऑफलाइन, ऑनलाइन अथवा हाइब्रिड मोड में संपन्न कराये जा सकते हैं. जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा ऑनलाइन मध्यस्थता की सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे दूर-दराज के पक्षकारों को भी लाभ मिल सके. बैठक में सचिव मरियम हेमरोम ने मध्यस्थ अधिवक्ताओं से अपील की किया कि वह सक्रिय भूमिका निभाते हुए अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराने में सहयोग करें. बैठक में अधिवक्ता कोमल दास, संजय महतो, रामप्रीत प्रसाद, प्रद्युम्न सिंह, शकील अहमद, पीके दता आदि उपस्थित थे.
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