किसानों को बताये गये दलहनी फसलों व जैविक खेती के महत्व

किसानों को बताये गये दलहनी फसलों व जैविक खेती के महत्व

सिमडेगा. प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना व दलहन मिशन योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया. इसका जिला व प्रखंडों में ऑनलाइन प्रसारण किया गया. योजना का मुख्य उद्देश्य कम प्रदर्शन वाले कृषि जिलों में उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, सिंचाई व भंडारण में सुधार करना और किसानों को आसान ऋण उपलब्ध कराना है. योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में पूरे देश में 100 जिलों को चिह्नित किया गया है, जिसमें झारखंड के दो जिले सिमडेगा व पश्चिमी सिंहभूम को शामिल किया गया है. नयी दिल्ली में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सिमडेगा जिले से चार सदस्यीय टीम जिसमें जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो, कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक नीना भारती, एपीओ के किसान एवं जैविक खेती करने वाले एक किसान ने भाग लिया. जिला कृषि कार्यालय में आयोजित समानांतर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपविकास आयुक्त दीपांकर चौधरी एवं मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार उपस्थित थे. उपविकास आयुक्त ने जिले में दलहनी फसलों व जैविक खेती के महत्व के बारे में किसानों को अवगत कराया तथा जिले में इसके उत्पादन को बढ़ाने हेतु दलहनी फसल लगाने का अनुरोध किया. उप परियोजना निदेशक प्रवीण कुमार सिंह द्वारा प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना व दलहन मिशन योजना के बारे में जानकारी किसानों दी गयी. जिला मत्स्य पदाधिकारी सीमा टोप्पो ने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से किसानों को अवगत कराया गया. कार्यक्रम में जिप अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, उपाध्यक्ष सोनी पैकरा, जिला सहकारिता पदाधिकारी, डीडीएम नाबार्ड, कृषि निरीक्षक, पशुपालन विभाग के कर्मी, कृषि विभाग के कर्मी, एफपीओ के किसान, मत्स्य पालक आदि उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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