सिमडेगा. झारखंड सरकार महिला, बाल विकास व सामाजिक सुरक्षा विभाग झारखंड मंत्रालय द्वारा बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अभिषेक जौरिहार को पद मुक्त कर दिया गया है. उनके विरुद्ध सहयोग विलेज, खूंटी के सचिव द्वारा एक शिकायत पत्र समर्पित किया गया था. उनके द्वारा अध्यक्ष श्री जौरिहार पर नाबालिग मां की पहचान प्रेस के माध्यम से उजागर करने, लिगली फ्री बच्चे से संबंधित मामले को लंबित रखने व महिला कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार एवं उपलब्ध कराये गये फंड के संबंध में अनावश्यक रूप से सवाल जवाब करने का आरोप लगाया गया था. शिकायतों की जांच उपविकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित जांच समिति द्वारा करायी गयी. जांच में आरोपों को सही पाया गया. जांच समिति द्वारा यह भी अंकित किया गया है कि श्री जौरिहार बिना सूचना प्रायः रात्रि में बालिका गृह का निरीक्षण करते हैं. वह अपने कार्य दायित्व के प्रति पूर्णतः लापरवाह व स्वेच्छाचारी हैं. इससे बाल हित प्रभावित हो रहा है. उपायुक्त द्वारा अपना मंतव्य अंकित करते हुए श्री जौरिहार को पदमुक्त करने की अनुशंसा की गयी. जांच समिति से प्राप्त प्रतिवेदन को श्री जौरिहार को प्रेषित करते हुए उनसे उनका पक्ष प्राप्त किया गया. विभाग द्वारा उनसे प्राप्त पक्ष की समीक्षा की गयी. इससे उनके द्वारा पद का दुरुपयोग व स्वेच्छाचारिता का आरोप प्रमाणित होता है. इसके बाद श्री जौरिहार की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द की गयी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
