सिमडेगा : परमवीर अलबर्ट एक्का स्टेडियम में आदिवासी सेंगल अभियान एवं सेंगल यूथ मोरचा प्रमंडलीय समिति के तत्वावधान में समाधान सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद सालखन मुरमू उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट आदिवासियों की सुरक्षा कवच है, जिसे सरकार भेद रही है.
साथ ही गलत स्थानीय नीति बना कर बाहरी लोगों को स्थानीय बनाने का काम कर रही है. एक्ट में संशोधन आदिवासियों को विस्थापित करने एवं उनकी जमीन को लूटने की साजिश है.
यदि अब भी नहीं चेते, तो झारखंड से खदेड़ दिये जायेंगे. एक्ट में संशोधन कर कृषि भूमि को गैर कृषि भूमि घोषित किया जा रहा है. साथ ही भूमि पर अप्रत्याशित लगान वसूलने की साजिश की जा रही है. सरकार की इस साजिश के खिलाफ एकजुटता का परिचय देते हुए सभी आदिवासी अपने अधिकार के लिए आगे आएं. अधिकार के लिए संघर्ष करने की जरूरत है. श्री मुरमू ने कहा कि हमारे राज्य में 28 आदिवासी विधायक हैं, जिन्हें सिर्फ आदिवासी होने के नाते विधायकी मिली है, किंतु आज वह सभी विधायक चुप्पी साधे हुए हैं.
उन्हें अपनी पार्टी एवं विधायकी की चिंता है. आदिवासियों की उन्हें कोई चिंता नहीं. आंदोलन के दौरान सबसे पहले आदिवासी विधायकों को ही घेरा जायेगा. उक्त विधायक या तो एक्ट में संशोधन को रद्द करायें या इस्तीफा दें. उन्होंने कहा कि तीन माह के अंदर सरकार को गिराना है. इस मौके पर बिशप विंसेंट बरवा, पूर्व विधायक थियोडोर किड़ो, नियेल तिर्की, नील जस्टिन बेक, आशीष बाड़ा व विक्सल कोंगाड़ी के अलावा काफी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे.
