एएचटीयू थाना प्रभारी राजे कुमारी ने रेशक्यू कर वापस सिमडेगा लाने में सफलता प्राप्त की
सिमडेगा : दिल्ली में बेच दी गयी लड़कियों को एएचटीयू थाना प्रभारी राजे कुमारी ने रेशक्यू कर वापस सिमडेगा लाने में सफलता प्राप्त की. जानकारी के मुताबिक, 18 वर्षीया रजनी (बदला नाम) कुम्हारबांध निवासी को उसी की फुआ की बेटी राजकुमारी लोहराइन नौकरी दिलाने के बहाने बहला-फुसला कर दिल्ली ले जाकर बेच दिया था.
हरियाणा निवासी लाजपत नामक व्यक्ति के घर में रजनी काे नौकरानी के काम पर लगा दिया गया. यहां लाजपत द्वारा उसके साथ बदसलूकी भी की गयी. रजनी ने लाजपत के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. इसी तरह केरसई निवासी 20 वर्षीया नीलम (बदला नाम) अपने पति के साथ दिल्ली काम करने गयी थी. दिल्ली स्टेशन में वह अपने पति से बिछुड़ गयी. स्टेशन में ही राधिका नामक महिला से उसकी मुलाकात हुई.
राधिका ने नीलम को नौकरी दिलाने के नाम पर बहाला फुसला कर उत्तर प्रदेश स्थित नाला श्यामली निवासी चंद्रहास नामक व्यक्ति के हाथों नीलम को 50 हजार रुपये में बेच दिया. यहां पर नीलम पांच माह तक काम करती रही. गरजा भंडार टोली निवासी परवीन (बदला नाम) को कोनबीर निवासी माड़वारी लोहरा नौकरी दिलाने के बहाने घर में ले गया.
घर में मारवाड़ी लोहरा ने उसके साथ बदसलूकी भी की. इसके बाद दूसरे दिन मारवाड़ी लोहरा तथा उसका जीजा परवीन को दिल्ली ले जाकर नेहाल बिहार में बेच दिया.
उक्त सभी मामले में एएचटीयू थाना में परिजनों ने मामला दर्ज कराया था. दर्ज मामले के आधार पर कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी राजे कुजूर ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ दिल्ली में दिल्ली पुलिस के सहयोग से विभिन्न जगहों पर छापामारी की तथा तीनों लड़कियों सहित कोलेबरा निवासी अशोक बागे को गुड़गांव से मुक्त कराया. इधर, एसपी राजीव रंजन सिंह ने कहा कि दिल्ली से लायी गयी सभी लड़कियों को पढ़ाई के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिलाया जायेगा. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी को काम भी दिलाया जायेगा. फिलहाल सभी को सीडब्ल्यूसी को जिम्मा दिया गया है.
