कोलेबिरा के बंदरचुंआ में आम सभा का आयोजन
सिमडेगा : कोलेबिरा प्रखंड के बंदुरचुंआ पंचायत के फिकपानी में ग्रामीणों की आम सभा हुई. सभा में फिकपानी के अलावा मयका, खधाइरटांड़, खेरगंजा, छगरबंधा, चटकटोली, गबरधंसा, गलायटोली, अमतीटोली, बंदरचुंआ, सराईपानी आदि गांव के लोगों ने भाग लिया. इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में विक्सल कोंगाड़ी व सुशील लकड़ा उपस्थित थे. सभा में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि आदिवासियों को अपने अधिकार के लिए आगे आना होगा. राज्य सरकार आदिवासी एवं मूलवासी के अधिकार को छीनने का प्रयास कर रही है. सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन कर जमीन भी छीनना चाहती है.
आदिवासियों की खतियानी जमीन को पूंजीपतियों को देने की साजिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि एक्ट में संशोधन कर बाहरी लोगों को झारखंड में बसाने का प्रयास किया जा रहा है. जिस गैरमजरूआ जमीन पर आदिवासियों का कब्जा है उसे छीनने का प्रयास किया जा रहा है. इसके लिये नये कानून बनाये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सभी आदिवासी एकजुटता का परिचय देते हुए सीएनटी-एसपीटी एक्ट में किये गये संशोधन के खिलाफ संघर्ष करें. सुशील लकड़ा ने कहा कि ग्राम सभा का रजिस्टर एवं वन अधिकार समिति के रजिस्टर को संभाल कर रखें. उसी से अधिकार पर दावा ठोंका जा सकता है.
सिप्रियन समद, तेलेस्फोर तोपना, समर्पण सुरीन, सुधीर कंडूलना आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये.सभा में संजय केरकेट्टा, ललित हेमरोम, सामुएल डुंगडुंग, दाउद केरकेट्टा, रेनातुस कुल्लू, इसीदोर डांग, शांति गुड़िया, फुलजेंसिया बरला, ब्रिजिट किंडो, पूनम केरकेट्टा, संजीत प्रधान, शंकर प्रधान, मनोज बरला, पास्कल कंडूलना, विजय लुगून, बेंजामिन डांग, वरदान मड़की, अमृत डांग, रतन बागे, कुनुल जोजो, किशोर तोपनो के अलावा अन्य ग्रामीण उपस्थित थे.
