धान खरीदारी में मनमानी से किसान नाराज
सिमडेगा : एफसीआइ एजेंट द्वारा धान की खरीदारी में मनमानी करने पर किसानों ने जम कर हंगामा किया. एजेंट की मनमानी से परेशान एक किसान ने आत्मदाह की धमकी दे डाली. जानकारी के मुताबिक, भारतीय खाद्य निगम द्वारा धान की खरीदारी के लिए सभी जिलों में एजेंट की नियुक्ति की गयी है.
सिमडेगा जिला के लिए नेशनल कोलेटरल मैनेजमेंटसर्विसेज लिमिटेड को एजेंट नियुक्त किया गया है़ इसके द्वारा साधारण धान को 14.10 रुपये के हिसाब से खरीदा जाना है, किंतु किसानों का आरोप है कि खरीदारी कर रहे इंचार्ज अभिषेक कुमार तिवारी द्वारा धान खरीदारी में मनमानी की जा रही है. अधिकतर धान को अपरिपक्व, संकुचित एवं कुम्हलाया हुआ कह कर खरीदने से इनकार किया जा रहा है. परिणाम स्वरूप किसानों को बैरंग ही लौटना पड़ रहा है. पिछले कई दिनों से धान की खरीदारी की जा रही है. किसानों को लगातार परेशान होना पड़ रहा है.
धान लेकर किसान दूर दराज से आ रहे हैं, किंतु खरीदारी नहीं होने पर उन्हें लौटना पड़ रहा है. शुक्रवार को भी रामरेखा पतराटोली से शिव शंकर प्रसाद, रामवतार प्रसाद, बीरू से कुमुद कुमार, भेलवाडीह से सोनू कुमार, सुंदर साव, रिगड़ी से सजीवन साहू सहित काफी संख्या में किसान धान लेकर आये थे. खरीदारी में आनाकानी करने पर किसान आक्रोशित हो गये.
झारखंड मुक्ति मोरचा के जिला सचिव गुलरेज अहमद के नेतृत्व में किसानों ने जम कर हंगामा किया. रामरेखा पतराटोली के किसान शिव शंकर प्रसाद ने आत्मदाह की धमकी दे डाली. उनका कहना था कि किसान काफी मेहनत व मशक्कत कर धान की खेती करते हैं और खरीदारी में मनमानी की जा रही है. घटना की जानकारी मिलते ही जिला आपूर्ति पदाधिकारी सह कार्यपालक दंडाधिकारी मयंक भूषण वहां पहुंचे और धान की खरीदारी कर रहे इंचार्ज को फटकार लगायी.
साथ ही सही ढंग से धान की खरीदारी करने का निर्देश दिया. साथ ही हलकी फुलकी कमी को नजर अंदाज करने का भी निर्देश दिया. इधर, धान की खरीदारी कर रहे एजेंट के इंचार्ज अभिषेक कुमार तिवारी का कहना था कि क्षतिग्रस्त, बदरंग, घुन लगा, अपरिपक्व, संकुचित , कुम्हलाया हुआ एवं नमी वाले धान की खरीदारी नहीं की जा सकती है. वह भारतीय खाद्य निगम के निर्देश के अनुसार ही धान की खरीदारी कर रहे हैं.
