ओड़िशा के कपलाश रेलवे ट्रैक से शव बरामद
सिमडेगा : जिले के बांसजोर थाना में पदस्थापित सिपाही ने अपनी ही प्रेमिका की गला काट कर हत्या कर दी. घटना की जानकारी गुरुवार को पुलिस को मिली, जब सिपाही ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया.
घटना की सूचना मिलने पर एसपी राजीव रंजन सिंह घटनास्थल पर पहुंच गये हैं. वे मामले की छानबीन कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक बांसजोर थाना में पदस्थापित सिपाही जितेंद्र उरांव का प्रेम प्रसंग उसके भाई के ही साली तारामनी एक्का से चल रहा था. तारामनी बुंडू की रहनेवाली थी. वह सिपाही पद के लिए परीक्षा लिखने सिमडेगा आयी थी.
परीक्षा के बाद वह सोमवार को जितेंद्र से मिलने गयी. जितेंद्र व तारामनी एक्का रात को थाना के निकट ही एक कमरा में रात गुजारे थे. रात गुजारने के बाद रात को ही सिपाही ने तारामनी एक्का की गला काट कर हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को ओड़िशा स्थित कपलाश रेलवे ट्रेक के निकट फेंक दिया. बुधवार की रात को सिपाही थाना पहुंच कर घटना के बारे में पुलिस को बताया. पुलिस ने गुरुवार को रेलवे ट्रैक के पास से युवती का शव बरामद कर लिया.
घटना के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला
घटना के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला बताया गया है. सिपाही जितेंद्र उरांव का प्रेम प्रसंग कई वर्षो से उसके भाई की साली तारामनी एक्का के साथ चल रहा था. इसी क्रम में तारामनी सिपाही जितेंद्र पर शादी के लिए कई बार कह चुकी थी. इस बार भी तारामनी शादी के लिए दबाव डाल रही थी. बांसजोर थाना प्रभारी ने भी बताया कि दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था. तारामनी जितेंद्र से शादी करना चाहती थी.
कमरे की तलाशी ली गयी
घटना की सूचना मिलते ही एसपी राजीव रंजन सिंह बांसजोर थाना पहुंचे. आरोपी सिपाही से पुछताछ की. उसके बाद मामले की छानबीन शुरू की. एसपी राजीव रंजन सिंह ने बताया कि शव को बरामद कर लिया गया है. श्री सिंह ने बताया कि जिस कमरे में दोनों रात गुजारे थे, उस कमरे की भी तलाशी ली गयी. खून से सना युवती का कपड़ा भी बरामद कर लिया गया है.
जलापूर्ति सिस्टम फेल हो सकता है
शहरी क्षेत्र में स्थित जलापूर्ति योजना के जीर्णोद्धार से जनता को इसका लाभ मिल सकता है़ जीर्णोद्धार के लिए लगभग 30 लाख रुपये की योजना बना कर नगर विकास को लगभग एक वर्ष पूर्व भेजा गया है़ किंतु नगर विकास विभाग द्वारा उक्त योजना पर अब तक कोई पहल नहीं की गयी है़ नगर विकास विभाग द्वारा योजना को शीघ्र स्वीकृत कर जलापूर्ति योजना का जीणोद्धार नहीं किया गया तो आनेवाले दिनों में जलापूर्ति सिस्टम फेल हो जायेगा़
केमिकल्स घोलनेवाली मशीन खराब
केलाघाघ डैम से रॉ वाटर पानी टंकी स्थित वाटर शुद्धिकरण स्थल पर भेजा जा रहा है. पानी शुद्धिकाण स्थल पर जमा पानी में गंदगी देखा जा सकता है. पानी शुद्धिकरण के लिए पानी में केमिकल्स घोलनेवाली मशीन लगभग एक दशक से भी ज्यादा समय से खराब पड़ा है.
जिसकी जानकारी भी विभागीय वरीय अधिकारियों को दी गयी है. किंतु विभाग की ओर से कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है. वर्तमान में मेनुवल तरीके से केमिकल्स को पानी में डाला जा रहा है. मशीन खराब रहने के कारण केमिकल्स पानी में पूरी तरह से नहीं घुल पा रहा है. इस कारण कई हिस्सों में कभी-कभी गंदा पानी की भी आपूर्ति हो जाती है.
