केरसई : केरसई से कुरडेग जानेवाली सड़क जर्जर है. सड़क पर पैदल भी चलना मुश्किल है. उक्त सड़क को ग्रेड वन बनाया गया था. किंतु पूरे सड़क में बड़े-बड़े पत्थर निकल गये हैं. परिणाम स्वरूप सड़क पर वाहन तो दूर साइकिल व पैदल चलना भी दूभर हो गया है. लोग सड़क छोड़ कर सड़क के नीचे से आना-जाना करते हैं. सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है.
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की कई बार मांग की, किंतु उनकी मांग को अनसुनी कर दिया गया. केरसई इंदिरा चौक से कुरडेग की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है. 15 किलोमीटर का सफर करने में लोगाें को घंटों लग जाते हैं. गांव के ही अरविंद कुमार का कहना है कि इस सड़क की ओर प्रशासनिक पदाधिकारी एवं जन प्रतिनिधियों की कोई नजर नहीं है. सड़क में चलना मुश्किल हो गया है. उक्त सड़क से कहीं जाने में घंटों लग जाते हैं.
राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि सड़क स्थिति इतनी दयनीय हो गयी है कि केरसई से कुरडेग जाने में लगभग डेढ़ घंटा लगता है. उन्हें दूसरे रास्ते से 30 किलोमीटर अधिक दूरी तय कर जाना पड़ता है. राधेश्याम प्रसाद, हेरमन डुंगडुंग, जोहन बेक, जोसेफ डुंगडुंग, विजय कुमार, सुरेंद्र कुमार, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश प्रसाद, हेमंत प्रसाद, प्रमोद प्रसाद, दयानंद रोहित आदि का कहना है कि हमारी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. कई बार जन प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की गयी. किंतु नतीजा सिफर निकला.
