अब तक 6.5 टन आम का निर्यात

सिमडेगा के आम को मिल रही नयी पहचान, एफपीओ के जरिये बंगाल व यूपी तक पहुंची खेप

सिमडेगा. जिले में इस वर्ष मनरेगा की बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम उत्पादकों के लिए बेहतर बाजार व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार सकारात्मक पहल की जा रही है. जिले के विभिन्न प्रखंडों की फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों (एफपीओ) के माध्यम से विशेष रूप से आम्रपाली आम का निर्यात कर किसानों को उचित मूल्य दिलाने का प्रयास किया जा रहा है. इससे किसानों में उत्साह बढ़ा है और स्थानीय उत्पादों को बाहरी बाजारों में नयी पहचान मिल रही है. इस क्रम में पाकरटांड़ प्रखंड की फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा अब तक तीन खेप में कुल 6.5 टन आम का निर्यात किया जा चुका है. पहली खेप में आम 29 रुपये प्रति किलो की दर से भेजा गया, जबकि दूसरी और तीसरी खेप 24.50 रुपये प्रति किलो की बेहतर कीमत पर पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के बाजारों में निर्यात की गयी. शुक्रवार को सिमडेगा सदर प्रखंड स्थित जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा पहली खेप में तीन टन आम 22 रुपये प्रति किलो की दर से उत्तर प्रदेश के बाजारों के लिए रवाना किया गया. आम से लदी पिकअप वैन को प्रमुख सिमडेगा सुशीला देवी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया. इसके अलावा जिले के अन्य प्रखंडों से भी लगातार विभिन्न बाजारों में आम की आपूर्ति की जा रही है.

जिला प्रशासन अभियान की लगातार कर रहा है निगरानी

जेएसएलपीएस एवं प्रदान संस्था के सहयोग से किसानों को बाजार से जोड़ने, उत्पाद की गुणवत्ता बनाये रखने तथा समय पर विपणन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. जिला प्रशासन पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहा है. वहीं जेएसएलपीएस और मनरेगा की ओर से किसानों को विपणन से जुड़ी सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर अनुश्रवण और अनुसमर्थन प्रदान किया जा रहा है.

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