श्रीमद भागवत कथा का समापनप्रतिनिधिसिमडेगा. सेवी ही सबसे बड़ी पूजा है. धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजनों से सनातन धर्म की एकता बढ़ती है. उक्त बातें अपने प्रवचन के दौरान कथा वाचक श्रीराम जी भाई ने शनिवार को आनंद भवन में श्रीमद भागवत कथा सप्ताह के समापन के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही. कथा के समापन के अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे. कथा के दौरान श्रीरामजी भाई नेकहा कि लोगों में प्रेम भगवान सुदामा व कृष्ण जैसी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर आप सुखमय जीवन व्यतीत करना चाहते है. जगत का कल्याण करना चाहते है तो एक दूसरे से भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा जैसा प्रेम करना होगा. आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया. कथा स्थल पर मुख्य रूप से मनोहर पुरी जी महाराज , खंडवा बाब, रामरेखा बाबा के अलावा अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे. कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से शंकर लाल अग्रवाल, शंभू लाल अग्रवाल, रामवतार बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, पवन जैन, विनोद अग्रवाल, अशोक गोयल, ओमप्रकाश शर्मा, सत्यनारायण ंअग्रवाल, नेमीचंद अग्रवाल, महेश शर्मा के अलावा अन्य लोगों ने भी सराहनीय योगदान दिया.
सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है: श्रीरामजी भाई
श्रीमद भागवत कथा का समापनप्रतिनिधिसिमडेगा. सेवी ही सबसे बड़ी पूजा है. धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजनों से सनातन धर्म की एकता बढ़ती है. उक्त बातें अपने प्रवचन के दौरान कथा वाचक श्रीराम जी भाई ने शनिवार को आनंद भवन में श्रीमद भागवत कथा सप्ताह के समापन के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही. […]
