खरसावां. आगामी 9 अगस्त को कुचाई में विश्व आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर कुचाई के मुण्डा-मानकी सभागार में सुखराम मुण्डा की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में आदिवासी सामाजिक मंच, ग्राम सभा मंच, मानकी-मुण्डा संघ, आदिवासी हो महासभा, आदिवासी एकता मंच, झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन, सामुदायिक वन पालन समिति समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता सोहन लाल कुम्हार ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इस दिन आदिवासी समाज को अपने संवैधानिक और पारंपरिक अधिकारों पर गंभीर मंथन करना चाहिए. उन्होंने बताया कि 27 अक्तूबर को ग्राम सभा मंच, झारखंड के नेतृत्व में रांची के मोरहाबादी मैदान में हजारों ग्राम सभाओं की महासभा आयोजित होगी, जिसमें बड़ी संख्या में मुण्डा-मानकी, रैयत और वनाश्रित शामिल होंगे.
एक मंच पर आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय
अशोक मानकी ने कहा कि 9 अगस्त को सभी आदिवासी संगठनों को एक मंच पर आकर विश्व आदिवासी दिवस मनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा आदिवासियों को दिए गए अधिकारों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा होनी चाहिए. लुबुराम सोय ने सभी संगठनों से एकजुट होकर कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की. सीता सोय ने कहा कि महिलाओं की भी इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.
28 जुलाई को होगी अगली तैयारी बैठक
अध्यक्ष सुखराम मुण्डा ने कहा कि समाज के साझा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी आदिवासी संगठनों की एकजुटता जरूरी है. तुलसीपीड़ के मानकी मंगल सिंह मुण्डा ने विश्व आदिवासी दिवस को गैर-राजनीतिक स्वरूप में मनाने पर जोर दिया. बैठक में 28 जुलाई को मुण्डा-मानकी सभागार में अगली तैयारी बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया. बैठक में मांगी लाल सुम्बुई, सुनील सोय, भरत सिंह मुण्डा, कुण्डिया सोय, दुखु मुण्डा, मनोज मुदुईया समेत कई मानकी-मुण्डा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे.
