Seraikela Kharsawan News : 17 दिन पहले एक शिक्षक के भरोसे चल रहा था स्कूल, अब विद्यालय में आठ शिक्षक

कुचाई. यूएचएस मेरोमजंगा में पांच शिक्षकों की हुई पदस्थापना, पढ़ाई में होगी सहूलियत

खरसावां.

कुचाई के सीमावर्ती गोमियाडीह पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय मेरमजंगा में पांच शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गयी है. इसके साथ ही स्कूल में शिक्षकों के कमी की समस्या का समाधान हो गया. अब इस स्कूल में आठ शिक्षक 120 बच्चों को पढ़ायेंगे. विद्यालय में स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों में सामाजिक विज्ञान के लिए सीता सोरेन, भाषा के लिए रविराज गोप व विज्ञान-गणित के लिए शरद चंद्र तियु व इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्यों में जितेंद्र महतो व वंदना कुमारी दास की पदस्थापना कर दी गयी है.

साथ ही, विगत तीन दिसंबर को राजनगर प्रखंड में प्रतिनियुक्त किये गये यूएचएस मेरोमजंगा की शिक्षिका सेनोका कुमारी राउत व सुनीता मार्डी (टीजीटी) के प्रतिनियोजन को समाप्त कर मूल विद्यालय में योगदान करा दिया गया है. जबकि प्रभारी प्राचार्य के रूप में शिक्षक बृजेश्वर कुमार द्विवेदी भी इसी विद्यालय में प्रतिनियुक्त है. अब स्कूल में शिक्षकों की संख्या आठ हो गयी है. 3 दिसंबर 2025 तक इस विद्यालय का संचालन प्रतिनियोजित शिक्षक बृजेश्वर कुमार द्विवेदी के भरोसे होता था. अब शिक्षकों की कमी दूर होने से सभी कक्षाओं के संचालन में सहूलियत होगी. वर्ष 2018 में इस स्कूल को उत्क्रमित उच्च विद्यालय में अपग्रेड किया गया था. वर्ग नौ में 17 व वर्ग 10 में 11 बच्चे नामांकित हैं. इस वर्ष 11 विद्यार्थी पहली बार मैट्रिक की परीक्षा देंगे.

विद्यालय में चहारदीवारी नहीं, स्कूल भवन की भी कमी

उक्त्रमित उच्च विद्यालय, मेरोमजंगा का संचालन फिलहाल चार कमरों के भवन में हो रहा है. पिछले वर्ष सरकार की ओर से दो नये कमरे बनाये गये. जबकि कुछ कक्षाएं एस्बेस्ट्स के इमारत में चल रही हैं. विद्यालय में चहारदीवारी नहीं है, हालांकि पानी और शौचालय की व्यवस्था मौजूद है. मेरमजंगा गांव कुचाई प्रखंड मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर और रांची जिले की सीमा से सटा हुआ है. यह पूरा इलाका पहाड़ी और घने जंगलों से घिरा हुआ है.

प्रभात खबर ने प्रमुखता से उठाया था मामला

कुचाई के यूएचएस मेरोमजंगा में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों के पठन-पाठन का कार्य प्रभावित होने का मामला ‘प्रभात खबर’ ने प्रमुखता से उठाया था. विगत 18 नवंबर के अंक में इस खबर को प्रमुखता से छापने के बाद विधायक दशरथ गागराई ने भी विस में मामले को उठाया था. इस पर सकारात्मक पहल करते हुए जिला प्रशासन ने तीन दिसंबर को राजनगर प्रखंड में प्रतिनियोजित की गयी. स्कूल की दो शिक्षिकाओं के प्रतिनियोजन को समाप्त कर मूल विद्यालय में योगदान कराया गया. अब सहायक आचार्यों की नियुक्ति होते ही विद्यालय में पांच सहायक आचार्यों की पदस्थापना कर दी गयी. इससे ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया.

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Author: AKASH

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