Seraikela Kharsawan News : जंगल से जुड़ा है आदिवासियों का अस्तित्व हमें जैव विविधता बचानी होगी : विधायक

कुचाई. सेरेंगदा में पारंपरिक वनाधिकार पत्थलगड़ी, जंगल संरक्षण का संकल्प

खरसावां. कुचाई के सेरेंगदा में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुकरा सरदार के नेतृत्व में पारंपरिक रूप से वनाधिकार पत्थलगड़ी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पत्थलगड़ी स्थल पर पाहन पांडू मुंडा ने वन देवता के रूप में पूजा-अर्चना की. मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने जंगलों और जैव विविधताओं के संरक्षण का संकल्प लिया.

प्रकृति के जितना करीब रहेंगे, उतना ही सुखी रहेंगे

कार्यक्रम में विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि आदिवासियों का अस्तित्व जंगलों से जुड़ा है. हमें जंगलों के साथ जैव विविधताओं को भी हर हाल में संरक्षित करना होगा. उन्होंने वनोपज से जीविका के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रकृति के जितना करीब रहेंगे, उतना ही सुखी रहेंगे. विधायक ने वनाधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और दावों के समयबद्ध निपटान के लिए सरकारी अधिकारियों से अपील की. उन्होंने ग्राम मुंडा, मानकी मुंडा एवं ग्राम प्रधान के साथ बैठक कर सरकार को सुझाव देने की योजना भी बतायी.

वन संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और पुनर्जीवन पर बल : सोहनलाल

आइसीएफजी, रांची के सोहन लाल कुम्हार ने वनाधिकार कानून के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और पुनर्जीवन पर बल दिया. उन्होंने ग्रामीणों से वन्य क्षेत्र के घनत्व और जैव विविधताओं को बढ़ाने का आग्रह किया.

ये प्रस्ताव हुए पारित:

कार्यक्रम के दौरान कई प्रस्ताव पारित किए गए जिनमें बिना अनुमति जंगल की कटाई न करने, महुआ न तोड़ने, जंगल में आग न लगाने, जलावन के लिए फलदार और इमारती पेड़ों की कटाई रोकने, वन्य जीवों का शिकार निषेध, ग्राम सभा व समिति द्वारा देशीय पौधों का रोपण, जैवविविधता सूची का पांच वर्षों में पुनर्निर्माण, और विनाशकारी परियोजनाओं को वन क्षेत्र में अनुमति न देने जैसे प्रावधान शामिल हैं. वर्ष 2020 में सेरेंगदा को 168 एकड़ का सामुदायिक वन पट्टा मिला है.

पारंपरिक तरीके से हुआ अतिथियों का स्वागत:

कार्यक्रम में पहुंचे लोगों का पारंपरिक पत्ते की टोपी पहना कर स्वागत किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से पाडू सरदार, सुखराम मुंडा, विधायक प्रतिनिधि भरत सिंह मुंडा, करम सिंह मुंडा, बनवारी लाल सोय, अशोक मानकी, मुन्ना सोय, ग्राम मुंडा गुरुचरण सरदार, समिति के सचिव डूबराय कुम्हार, पांडू मुंडा, सुमी मुंडा, पुस्तौरी सरदार, सोनिया सरदार, सावित्री सरदार, सकारी मुण्डा, सोनाराम सरदार, सिंगराय सरदार, धरमसिंह सरदार, सोमा सरदार, जगनाथ प्रमाणिक, सोहरोइ मुंडा समेत रायसिंदरी, धातकीडीह, चम्पत, दामादीरी केह ग्रामीण मौजूद रहे. भारी बारिश के बावजूद भी काफी संख्या में लोग पहुंचे थे.

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Author: ATUL PATHAK

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