Seraikela Kharsawan News : विष्णु पंचुक व्रत कल से, सूर्योदय से पहले व्रती करेंगे स्नान

खरसावां : घरों में रंगोली बनाकर राय-दामोदर की पूजा करेंगे ओड़िया भाषी

खरसावां. ओड़िया समुदाय का पवित्र विष्णु पंचुक व्रत शनिवार से शुरू होगा. ओड़िया भाषी लोग कार्तिक को सबसे पवित्र माह मानते हैं. कार्तिक माह के अंतिम पांच दिन पंचुक व्रत का पालन करते हैं. इस बार विष्णु पंचुक व्रत चार दिनों का होगा. महिलाएं दशमी से पूर्णिमा तक ब्रह्म मुहूर्त में स्थान पर पूजा-अर्चना करती हैं. सुबह जलाशयों में स्नान कर भगवान राय दामोदर की पूजा करती हैं. पंचुक में ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र’ से भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है. हे निलो माधवो, हे माधव हे… हे राई दामोदर…, हे राधा-माधव… का जाप किया जाता है. तुलसी मंडप के पास रंग-बिरंगी रंगोली बना कर राई-दामोदर की आराधना की जाती है. तुलसी मंडप के समक्ष प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा की रंगोली बनाकर पूजा की जाती है.

दिन में एक बार करते हैं सात्विक भोजन :

पंचुक के दौरान व्रती दिन में एक बार सात्विक भोजन करते हैं. अन्न-भोजन को विशेष विधि विधान के साथ तैयार किया जाता है. इस भोजन को हबिसान्न कहा जाता है. माना जाता है कि पंचुक पर पुण्य कार्य से मोक्ष की प्राप्ति होती है. पंचुक का समापन कार्तिक पूर्णिमा के दिन नदी व सरोवरों में विशेष स्नान के साथ होता है. मौके पर कई धार्मिक अनुष्ठान होता है.

जगन्नाथ मंदिरों में होती है विशेष पूजा :

पंचुक व्रत के दौरान जगन्नाथ मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है. मंदिरों में विशेष व्यवस्था की जाती है. दूसरी ओर बडी संख्या में श्रद्धालु पंचुक स्नान के लिए ओडिशा भी जाते हैं. इस बार गुरुवार को श्रद्धालुओं की टोली पुरी के लिए रवाना हुई. पुरी में भगवान जगन्नाथ का दर्शन भी करेंगे.

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Author: ATUL PATHAK

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