राजनगर : जिस प्रकार एक कुम्हार कच्ची मिट्टी से घड़ा बनाता है ठीक उसी प्रकार एक शिक्षक बच्चे को तैयार करता है. जहां आज शिक्षा को व्यापार बनाया जा रहा है. वहीं, कई ऐसे शिक्षक भी हैं जो नि:स्वार्थ भाव से बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं. कई बार ऐसी खबरें आती हैं जो शिक्षकों के सहयोग व शिक्षा के प्रति उनकी लग्न को दर्शाती है. ज्यादातर सरकारी स्कूल के शिक्षकों की कई ऐसी खबरें समय समय पर सामने आते रहती है. इस बार भी झारखंड के एक शिक्षक ने कुछ ऐसा कर दिया है जिसके बारे में जानकर सभी उनकी तारीफ कर रहे हैं. यह शिक्षक हैं राजनगर एसएस प्लस 2 उच्च विद्यालय के लंबोदर महतो. उन्होंने 103 विद्यार्थियों को परीक्षा सहयोग राशि देकर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में शामिल कराया है. उनके इस प्रयास की सभी सराहना कर रहे हैं
किसान व मजदूर परिवार के हैं ज्यादातर बच्चे
राजनगर एसएस प्लस 2 उच्च विद्यालय के शिक्षक लंबोदर महतो ने प्रभात खबर से बातचीत में बताया - ज्यादातर बच्चे किसान व मजदूर परिवार से आते हैं. कई बच्चे परीक्षा में शामिल होना चाहते थे. लेकिन, आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बच्चों के माता-पिता पैसे देने में असमर्थ थे. इसके बाद उन्होंने निजी सहयोग से 4,120 रुपये की परीक्षा सहयोग राशि देकर विद्यालय के 103 छात्र-छात्राओं को भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में शामिल कराया. गायत्री परिवार ट्रस्ट सरायकेला ने शिक्षक की पहल के लिए उनका अभिनंदन किया. ट्रस्ट ने कहा कि शिक्षकों की ऐसी पहल नयी पीढ़ी में नैतिक मूल्यों और संस्कारों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
