सरायकेला: 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रीयट परिसर से डीसी नितिश कुमार सिंह एवं उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने संयुक्त रूप से एलईडी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया गया. डीसी ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजनों को लिंग भेद, कन्या भ्रूण हत्या और बालिकाओं के प्रति भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने तथा बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई, इसके बाद सभी ने हस्ताक्षर कर अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई.
समाज की प्रगति बेटियों के सम्मान पर रहती है निर्भर
डीसी ने कहा कि समाज की प्रगति बेटियों के सम्मान और शिक्षा पर निर्भर करती है. उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराने की अपील की साथ ही भ्रूण लिंग जांच अथवा पीसीपीएनडीटी अधिनियम के उल्लंघन की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करने का आग्रह किया.
बालिकाओं के प्रति सम्मान जनक सोच समय की है आवश्यकता: डीडीसी
डीडीसी रीना हांसदा ने कहा कि बालिकाओं के प्रति सम्मानजनक और समानतामूलक सोच विकसित करना समय की आवश्यकता है तथा जनसहभागिता से ही अभियान सफल होगा.
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने बताया कि एलईडी जागरूकता रथ जिले के सभी नौ प्रखंडों में एक-एक दिन भ्रमण करेगा. रथ के माध्यम से एलईडी स्क्रीन पर जागरूकता संदेश, लघु फिल्में और जानकारी प्रदर्शित कर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, कन्या भ्रूण हत्या निषेध, बालिका शिक्षा, सुरक्षा, पोषण एवं महिला सशक्तिकरण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा.कार्यक्रम में जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उरांव, सीडीपीओ सुरुचि प्रसाद, महिला पर्यवेक्षिका सविता सिन्हा, नेहा कुमारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.
