सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट
Seraikela Medicine Shop, सरायकेला : ‘ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन’ (AIOCD) की जिला शाखा के आह्वान पर बुधवार को सरायकेला-खरसावां जिले भर की मेडिकल दुकानें पूरी तरह बंद रहीं. जिला मुख्यालय सरायकेला सहित औद्योगिक क्षेत्र आदित्यपुर, गम्हरिया, चांडिल और खरसावां में भी इस एकदिवसीय सांकेतिक बंद को दवा व्यवसायियों का जबरदस्त और अभूतपूर्व समर्थन मिला. थोक व खुदरा दवा दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिराकर केंद्र सरकार की ऑनलाइन दवा नीतियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया. दुकानों के बाहर एसोसिएशन द्वारा जारी विरोध के पोस्टर भी चस्पा किए गए.
इन 3 मांगों को रखा एसोशिएशन के सामने
एसोसिएशन के सरायकेला-खरसावां जिला सचिव मनोज चौधरी ने आंदोलन की सफलता पर कहा कि यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन हमारे अस्तित्व और आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए है. एसोसिएशन ने मुख्य रूप से अपनी तीन सूत्री मांगों को सरकार के समक्ष पुरजोर तरीके से रखा है.
- ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल पूर्ण रोक लगाई जाए.
- बड़े कॉरपोरेट घरानों द्वारा भारी डिस्काउंट (छूट) देकर बाजार बिगाड़ने के खेल को बंद किया जाए.
- नकली और अवैध दवाओं के निर्माण व बिक्री पर बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो.
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दवा लोगों के जीवन से जुड़ा विषय: एसोसिएशन
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि दवा कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु (FMCG Product) नहीं है, बल्कि यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा संवेदनशील विषय है. बिना वैध डॉक्टर के पर्चे और फार्मासिस्ट की देखरेख के इंटरनेट पर दवाओं की खुली उपलब्धता से समाज में नशे और गलत दवाओं के सेवन का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही, बड़े कॉरपोरेट समूहों द्वारा पूंजी के दम पर भारी छूट देने से सदियों से सेवा दे रहे छोटे और मध्यम स्तर के खुदरा केमिस्ट्स के समक्ष रोटी-बेटी और अस्तित्व का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
भटकते रहे मरीजों के परिजन
जिला मुख्यालय सहित पूरे शहरी और ग्रामीण इलाकों में अचानक दवा दुकानें बंद रहने से सुबह के वक्त मरीजों के परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. डॉक्टर की पर्ची हाथ में लिए कई लोग खुले मेडिकल स्टोर की तलाश में एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले भटकते देखे गए. हालांकि, निजी क्लीनिकों और बड़े नर्सिंग होम के भीतर संचालित होने वाले इन-हाउस मेडिकल स्टोर्स खुले रहे, जिससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी राहत मिली और उन्होंने वहां से जरूरी दवाएं प्राप्त कीं.
मरीजों के लिए जारी किए गए ब्लॉकवार ‘हेल्पलाइन नंबर’
दवा दुकानदारों की इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मद्देनजर सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था. उपायुक्त के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और गंभीर मरीजों की सुविधा के लिए विशेष आपातकालीन नंबर (Helpline Numbers) जारी किए थे. प्रशासन द्वारा जिले के प्रत्येक प्रखंड और प्रमुख शहरी क्षेत्र से एक-एक विशिष्ट मेडिकल स्टोर को आपातकालीन सेवा के लिए चिन्हित कर उनके संचालकों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए गए थे, ताकि जीवन रक्षक (Life Saving) दवाओं की जरूरत पड़ने पर मरीज सीधे उनसे संपर्क कर दवाएं मंगवा सकें. प्रशासन ने सोशल मीडिया और प्रेस नोट के जरिए जनता से अपील की थी कि वे हड़ताल को लेकर बिल्कुल न घबराएं, आपात स्थिति में दवाओं की निर्बाध आपूर्ति के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
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