सरायकेला-खरसावां में बच्चा चोरी की अफवाहों पर पुलिस सतर्क, लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

Seraikela Kharsawan News: सरायकेला-खरसावां में सोशल मीडिया पर फैल रही बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर पुलिस सतर्क हो गई है. खरसावां थाना प्रभारी ने लोगों से अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करने की अपील की है और कहा कि अफवाह फैलाना या भीड़ हिंसा करना कानूनन अपराध है. संदिग्ध सूचना तुरंत पुलिस को दें. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट

Seraikela Kharsawan News:झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में सोशल मीडिया पर बच्चों की चोरी, गुमशुदगी और अपहरण से जुड़ी अफवाहों के तेजी से फैलने के बीच पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है. खरसावां पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और अफवाहों से दूर रहें. पुलिस का कहना है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चा चोरी से जुड़ी कई भ्रामक खबरें और संदेश तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे लोगों के बीच भय और भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है.

बिना पुष्टि के किसी सूचना पर न करें विश्वास

खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी सूचना पर बिना सत्यता की जांच किए विश्वास न करें. उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न इलाकों में बच्चा चोरी से जुड़ी कई तरह की खबरें और संदेश सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं. हालांकि पुलिस जांच में ऐसे अधिकांश मामलों को अफवाह और भ्रामक सूचना पाया गया है.

अफवाह फैलाना और भीड़ हिंसा दोनों अपराध

थाना प्रभारी गौरव कुमार ने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की झूठी या भ्रामक सूचना फैलाना कानूनन अपराध है. इसके अलावा ऐसी अफवाहों के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ मारपीट, प्रताड़ना या भीड़ द्वारा हिंसा करना भी गंभीर दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. उन्होंने कहा कि कई बार अफवाहों के कारण निर्दोष लोग भीड़ के गुस्से का शिकार हो जाते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है.

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संदिग्ध सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को दें जानकारी

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि इस तरह की कोई संदिग्ध सूचना या घटना सामने आती है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दें. आपातकालीन स्थिति में लोग 112 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा सीधे खरसावां थाना को भी सूचना दी जा सकती है. पुलिस का कहना है कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आम लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है. यदि सभी लोग सतर्कता बरतें और अफवाहों से बचें, तो ऐसी घटनाओं को आसानी से रोका जा सकता है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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