सरायकेला-खरसावां: खपत के अनुसार मिल रही बिजली, फिर भी अनियमित आपूर्ति से लोग परेशान

Seraikela News: उमस भरी गर्मी के बीच सरायकेला खरसावां जिले में बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोग परेशान हैं. विभाग का दावा है कि प्रतिदिन 20 से 21 घंटे बिजली आपूर्ति होती है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट

Seraikela News: सरायकेला खरसावां जिले में गर्मी में बिजली की अनियमित कटौती से लोगों की परेशानी दोगुनी हो जा रही है. बिजली की अनियमित सप्लाई से जहां उपभोक्ताओं में आक्रोश है वहीं आपूर्ति सही नहीं होने से पीने के पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है. उपभोक्ताओं का कहना है कि गर्मी जब चरम पर रहती है बिजली की आंख मिचौली शुरू हो जाती है. हल्की आंधी चले या बादल गर्जन हो बिजली गायब हो जाती है. वहीं ठीक इसके उलट बिजली विभाग पूरी बिजली दिए जाने का दावा करता है. विभाग का कहना है कि बिजली की जितनी खपत है पर्याप्त मेगावाट बिजली मिल रही है तो कटौती का सवाल ही नहीं उठता है.  

जिला में 70 मेगावाट बिजली की है जरूरत 

सरायकेला खरसावां जिला में कुल 60 से 70 मेगावाट बिजली की जरूरत है. गर्मी के बावजूद विभाग द्वारा उतनी बिजली दी जा रही है. इस संबंध में बिजली विभाग के ईई लालजी महतो ने बताया कि खपत के अनुरूप बिजली मिल रही है. अगर कहीं फॉल्ट होता है तो उससे ठीक करने के समय बिजली की कटौती होती है. 

विभाग का दावा 20 से 21 घंटे मिलती है बिजली 

बिजली विभाग का कहना है कि फुल लोड बिजली मिलने के कारण प्रतिदिन 20 से 21 घंटा बिजली आपूर्ति की जाती है. अगर आंधी तूफान आता है तो फॉल्ट होने से बिजली कटौती होती है. कार्यपालक अभियंता लालजी महतो के अनुसार बिजली कटौती का मुख्य कारण उपभोक्ताओं में जागरूकता की कमी भी है. कहा कि कनेक्शन के समय उपभोक्ताओं द्वारा एक किलोवाट का कनेक्शन लिया जाता है वहीं उपयोग अधिक किया जाता है. कनेक्शन के हिसाब से विभाग से डिमांड किया जाता है जबकि खपत अधिक होता है तो बिजली कटौती की समस्या होती है. इसका असर सिस्टम पर पड़ता है और निर्बाध बिजली नहीं मिल पाती. गर्मी के मौसम में प्रकृति का भी पूरा साथ नहीं मिल पाता है. मौसम बिगड़ने, आंधी तूफान और थंडरिंग के समय बिजली आपूर्ति को बंद करना पड़ता है. 

क्या कहते हैं लोग?

सुमित चौधरी, भाजपा नेता सह स्थानिय निवासी- बिजली का सीधा जुड़ाव पानी के कनेक्शन से है. बिजली नहीं रहने के कारण लोगों को बिजली और पानी के रूप में दोहरी समस्या झेलनी पड़ती है. बिजली विभाग मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करता है जिसका परिणाम हल्की हवा में भी बिजली के पोल उखड़ जा रहे हैं और आपूर्ति बाधित हो जाती है. 

ललित चौधरी, व्यवसायी- पूर्व के जनप्रतिनिधियों द्वारा बिजली को लेकर कोई उचित पहल नहीं किया गया जिसके कारण यहां की जनता बिजली की समस्या से जूझ रही है. अगर बड़े बड़े नेता पहल करते तो सरायकेला में पावरग्रिड का निर्माण हो गया रहता और जनता को बिजली की समस्या से जूझना नहीं पड़ता. 

लक्ष्मी देवी, गृहणी- उमस भरी भीषण गर्मी में अनियमित बिजली आपूर्ति से परेशानी दोगुनी हो जाती है. बिजली के बिना गर्मी को झेलने के साथ साथ बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है. रात के समय बिजली कटने से अंधेरे में सांप बिच्छू और जहरीले जानवरों का खतरा बना रहता है. 

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Published by: Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

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