Saraikela Sadar Hospital, सरायकेला (शचिंद्र कुमार दाश व धीरज कुमार): सरायकेला सदर अस्पताल में करीब चार वर्ष पहले गेल इंडिया के सहयोग से लगभग 38 लाख रुपये की लागत से बना आईसीयू बस एक शो पीस बनकर रह गया है. 6 बेड वाला इस इंटेंसिव केयर यूनिट का उद्देश्य गंभीर मरीजों को स्थानीय स्तर पर मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना था, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण यह अब तक पूरी तरह चालू नहीं हो सका है.
क्या है संचालित नहीं हो पाने का कारण
बताया जा रहा है कि प्रशिक्षित मैनपावर और विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में स्वास्थ्य विभाग इस आईसीयू को संचालित नहीं कर पा रहा है. इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए अन्य शहरों में रेफर किया जा रहा है. ऐसे में अधिकांश लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जहां इलाज पर प्रतिदिन 5 हजार से 15 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं. गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह खर्च काफी बोझिल साबित हो रहा है.
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विभागीय स्तर पर की जा रही है पहल
सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने बताया कि किसी भी जिला अस्पताल के लिए आईसीयू एक महत्वपूर्ण सुविधा होती है. इसके संचालन के लिए एक फिजिशियन और एमडी डॉक्टर की आवश्यकता होती है. उन्होंने कहा कि इसे शुरू करने के लिए विभागीय स्तर पर पहल की जा रही है और जल्द ही इसे रिम्स के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संचालन संभव हो सकेगा.
नगर पंचायत अध्यक्ष बोले- जल्द शुरू होगी आईसीयू की सुविधा
वहीं, नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर है और जल्द ही आईसीयू को चालू किया जायेगा. स्थानीय निवासी अनिल कुमार मिश्रा ने भी मांग की है कि मरीजों की सुविधा को देखते हुए इस सुविधा को शीघ्र शुरू किया जाये.
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