Seraikela Kharsawan News : सरायकेला नगर पंचायत भ्रष्टाचार के आरोप में उलझी, जनता हलकान

नप अध्यक्ष और इओ के बीच वर्चस्व की जंग

सरायकेला. सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष मनोज चौधरी और कार्यपालक पदाधिकारी (इओ) समीर बोदरा के बीच आपसी समन्वय नहीं होने से होल्डिंग टैक्स, नक्शा पास कराने और पानी कनेक्शन जैसे महत्वपूर्ण जनहित के कार्य अधर में लटके हैं. इससे आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है.

पदाधिकारी अक्सर गायब रहते हैं, जनता के काम में हो रही देरी : मनोज चौधरी

नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी का कहना है कि कार्यालय को सुचारू रूप से चलाने के बजाय पदाधिकारी अक्सर गायब रहते हैं, जिससे जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है. विगत 15 दिनों में विकास कार्यों से संबंधित 10 पत्र लिखे गये, जिनका कोई जवाब नहीं मिला. इसे देखते हुए अध्यक्ष ने कार्यपालक पदाधिकारी को शो-कॉज जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है.

नियमों के विरुद्ध दबाव बनाया जा रहा : कार्यपालक पदाधिकारी

दूसरी ओर, कार्यपालक पदाधिकारी समीर कुमार बोदरा ने अध्यक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उनपर अनावश्यक दबाव डालने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि नगर पंचायत को सैरात की बंदोबस्ती से 11 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जिसे अध्यक्ष द्वारा रद्द कराने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है. टाउन हॉल के आवंटन जैसे मामलों में नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप के कारण व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने में कठिनाई हो रही है.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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