सरायकेला. सरायकेला नगर पंचायत के सफाई कर्मी अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. इससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. अपनी मांगों के समर्थन में कर्मियों ने नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. हड़ताल का नेतृत्व कर रहे सफाई कर्मी प्रदीप कारुवां ने बताया कि सफाई कर्मी लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हैं. सरकार ने सफाई कर्मियों के लिए नया वेतनमान निर्धारित कर दिया है, लेकिन नगर पंचायत कार्यालय उसे लागू करने में आनाकानी कर रहा है. इसके अतिरिक्त, जो पुराना वेतन मिलता है, उसका भुगतान भी समय पर नहीं किया जाता, जिससे कर्मियों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो जाता है. कर्मियों का मुख्य आरोप यह भी है कि उनके वेतन से पीएफ की कटौती तो नियमित रूप से की जा रही है, परंतु वह राशि उनके व्यक्तिगत भविष्य निधि खातों में जमा नहीं की जा रही है.
फंड की कमी से पीएफ का भुगतान समय पर नहीं हो रहा :
सफाई कर्मियों की हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी समीर बोदरा ने स्वीकार किया कि स्थिति गंभीर है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में सरायकेला नगर पंचायत फंड की भारी कमी से जूझ रहा है. पर्याप्त फंड न होने के कारण ही सभी सफाई कर्मियों का पीएफ भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है. वर्तमान में केवल कुछ ही कर्मियों का पीएफ जमा किया जा सका है.लिखित मांग पर अड़े सफाई कर्मचारी:
कार्यपालक पदाधिकारी ने कर्मियों को आश्वासन दिया है कि जैसे ही विभाग से फंड प्राप्त होगा या निकाय की वित्तीय स्थिति सुधरेगी, बकाया वेतन और पीएफ की पूरी राशि का भुगतान कर दिया जाएगा. हालांकि, सफाई कर्मी ठोस लिखित आश्वासन और कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं.
