खरसावां : गुजरात के सापूतारा में आयोजित मानसून फेस्टिवल में झारखंड के निमडीह की पुरुलिया छऊ डांस एकेडमी, जामडीह (तिल्ला) की अंतर्राष्ट्रीय छऊ नृत्य मंडली ने मानभूम छऊ की ऐसी शानदार प्रस्तुति दी कि दर्शक तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाते नजर आए. अंतर्राष्ट्रीय कलाकार व संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सीनियर फेलो परेश प्रसाद पारीत के नेतृत्व में कलाकारों ने पौराणिक कथा पर आधारित ‘महिषासुर मर्दिनी’ की मनमोहक प्रस्तुति दी.
नृत्य, भाव-भंगिमा व पारंपरिक वेशभूषा ने दर्शकों को बांधा
कलाकारों ने अपनी नृत्य शैली, भाव-भंगिमा, पारंपरिक वेशभूषा और लयबद्ध प्रस्तुति के जरिए देवी दुर्गा और महिषासुर के बीच संघर्ष की कथा को मंच पर जीवंत कर दिया. प्रस्तुति के दौरान कलाकारों की ऊर्जा और छऊ की विशिष्ट शैली ने दर्शकों को पूरे समय बांधे रखा. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुति की जमकर सराहना की.
देश-विदेश में मानभूम छऊ की पहचान बना रही मंडली
गुजरात के कला एवं संस्कृति मंत्रालय के आमंत्रण पर मंडली ने मानसून फेस्टिवल में अपनी प्रस्तुति दी. मंडली में परेश कुमार, फाल्गुनी सिंह, निरंजन पारीत, सुदीप महतो, शुभाशिष पारीत, धीरेन सिंह, संदीप महतो और आकाश प्रमाणिक आदि कलाकार शामिल रहे. मंडली इससे पहले देश के विभिन्न शहरों में भी छऊ नृत्य की प्रस्तुति दे चुकी है. वर्ष 2023 में उत्तरी अमेरिका के मेक्सिको में आयोजित सांता लुसिया फेस्टिवल में भी मंडली ने छऊ नृत्य की प्रस्तुति दी थी. इसके जरिए मानभूम की इस लोकनृत्य परंपरा को अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया गया. लगातार राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन के माध्यम से मंडली छऊ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिला रही है.
