चांडिल: झारखंड के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. कुकड़ू प्रखंड के सपादा गांव में लगातार बारिश के कारण एक गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. बारिश के पानी के लगातार रिसाव और नमी के कारण त्रिभंग गोराई का कच्चा मिट्टी का मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर ढह गया. इस अचानक हुई दुर्घटना के बाद पीड़ित परिवार के सामने सिर छिपाने का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है.
दीवारों में नमी बढ़ने से भरभरा कर गिरा घर
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मिट्टी की दीवारों में अत्यधिक नमी आ गई थी. इसी दौरान बरसात का पानी घर के अंदर प्रवेश करने लगा, जिससे कमजोर हुई दीवारें और छत का हिस्सा अचानक भरभरा कर नीचे गिर गया.
मकान के मलबे में दबकर घर के अंदर रखे कई जरूरी सामानों और खाद्यान्न को भी भारी नुकसान पहुंचा है. हालांकि, गनीमत यह रही कि घटना के समय परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.
अन्य कच्चे मकानों पर भी मंडरा रहा खतरा
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के कई अन्य कच्चे मकानों और पुराने मिट्टी के घरों पर भी ढहने का खतरा मंडरा रहा है. लगातार भीगने से दीवारों की मजबूती कम हो रही है, जिससे ग्रामीण अपने परिवारों और सामान की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं. इसके अलावा, बारिश के चलते क्षेत्र के कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी बन गई है.
प्रशासन से मुआवजे और आवास की गुहार
घटना से आहत पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से अविलंब मामले की जांच कर उचित मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराने की मांग की है. वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अपील की है कि बारिश से प्रभावित सभी गरीब परिवारों का तुरंत सर्वे कराया जाए और उन्हें राहत पहुंचाई जाए. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सुध नहीं ली, तो बारिश बढ़ने पर समस्याएं और अधिक विकराल रूप ले सकती हैं.
