यहां ऐसी बारिश हुई कि आठ फीट पानी में डूब गया पुल, जानें अभी क्या है स्थिति

संजय नदी का जलस्तर बढ़ने से खापरसाईं का पुराना पुल आठ फीट पानी में डूब गया है, जिससे सरायकेला-खरसावां मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है.

खरसावां : लगातार हो रही बारिश से संजय नदी का जलस्तर बढ़ गया है. खापरसाईं स्थित पुराना पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है. पुल के ऊपर करीब आठ फीट पानी बहने से सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को पूरे दिन आवागमन बाधित रहा. वहीं, इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है. नदी का बहाव तेज होने के कारण लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार करने के बजाय वैकल्पिक रास्तों का सहारा ले रहे हैं. खापरसाईं पुल पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है.

नया पुल अधूरा, नहीं मिला वैकल्पिक रास्ता

खापरसाईं में संजय नदी पर नया पुल निर्माणाधीन है. पुल का निर्माण कार्य आठ साल पहले ही पूर्ण हो चुकी है. एप्रोच रोड़ बनाने का कार्य चल रहा है. हालांकि अब तक इसका निर्माण पूरा नहीं हुआ है. पुराने पुल के डूबने के बाद लोगों को नये पुल का लाभ नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि नये पुल का निर्माण और अप्रोच रोड समय पर पूरा हो जाता, तो वर्तमान में मुख्य मार्ग के बंद होने से लोगों को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती.

कई गांवों के लोगों की बढ़ी परेशानी

मुख्य मार्ग बंद होने से खरसावां और सरायकेला के बीच आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आसपास के गांवों के लोगों को बाजार, स्कूल, अस्पताल, कार्यालय और अन्य जरूरी कार्यों के लिए वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे लोगों का समय और दूरी दोनों बढ़ गये हैं.

खरकई और सोना नदी का भी बढ़ा जलस्तर

लगातार बारिश का असर क्षेत्र की अन्य नदियों पर भी पड़ा है. खरकई और सोना नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है. संजय नदी में बढ़ते जलस्तर और पुल के डूबने से ग्रामीणों में चिंता है. लोगों ने प्रशासन से पुल और नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने व सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है.


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लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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