Seraikela Kharsawan News : जुलाई में रिकॉर्ड बारिश, खेती प्रभावित

जिला में जुलाई माह में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है. जुलाई माह के पहले दो सप्ताह में ही सामान्य वर्षापात से अधिक बारिश हुई है.

सरायकेला-खरसावां.

जिला में जुलाई माह में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है. जुलाई माह के पहले दो सप्ताह में ही सामान्य वर्षापात से अधिक बारिश हुई है. जुलाई माह का सामान्य वर्षापात 253.2 मिमी है, जबकि 17 जुलाई तक जिले में औसत वर्षापात 307.4 मिमी दर्ज की गयी है. सरायकेला-खरसावां जिला में अब तक 2766.2 मिमी बारिश रिकाॅर्ड दर्ज की गयी है. लगातार बारिश से कृषि कार्य प्रभावित हुई है. लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से बारिश थमने के बाद अब कृषि कार्य जोर पकड़ने लगा है.

जिले में 15580 हेक्टेयर में हुई धान की खेती

विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में एक लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती का लक्ष्य रखा गया था. इसमें से सिर्फ 15580 हेक्टेयर भूमि पर ही खेती हो सकी है. यह तय लक्ष्य का सिर्फ 15.58 प्रतिशत ही है. जिला में 73 हजार हेक्टेयर भूमि पर रोपा विधि से खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 12020 हेक्टेयर भूमि पर आच्छादन हो सका है. रोपा विधि से जिला में 46 हजार हेक्टेयर भूमि पर अधिक उपजशील धान की खेती कराने के लक्ष्य की जगह मात्र 8520 हेक्टेयर (18.52 प्रतिशत) पर ही आच्छादन हुआ है. 27 हजार हेक्टेयर भूमि पर हाइब्रीड धान की खेती कराने के लक्ष्य के स्थान पर 3500 हेक्टेयर भूमि (12.96 प्रतिशत) पर ही कृषि हो पायी है. छींटा विधि से 27 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती के लक्ष्य के विरुद्ध सिर्फ 3560 हेक्टेयर भूमि पर आच्छादन हुआ है, जो कि लक्ष्य का 13.19 फीसदी है.

मोटे अनाज की खेती में दिलचस्पी नहीं ले रहे किसान

जिले में मोटे आनाज की खेती नहीं हो पा रही है. 990 हेक्टेयर में मोटे अनाज की खेती करने का लक्ष्य रखा गया था. इसमें 150 हेक्टेयर में ज्वार, 40 हेक्टेयर में बाजरा व 800 हेक्टेयर में मड़आ की खेती करने की योजना थी. जिले के किसान मोटे अनाज की खेती में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं.

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Author: AKASH

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