राजनगर: राजनगर-सरायकेला मुख्य मार्ग पर सारंगपोसी गांव के पास सड़क के बड़े-बड़े गड्ढे अब परेशानी का सबब बन गये हैं. शनिवार देर रात गड्ढे को पार करने के दौरान एक हायवा अनियंत्रित होकर पलट गया. वहीं, रविवार सुबह इसी जगह दूसरा हायवा गड्ढे में फंस गया. दोनों भारी वाहनों के सड़क पर फंसने से करीब 36 घंटे से बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप है. छोटे वाहनों को भी परेशानी के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है.
स्थानीय लोगों और झारखंड आंदोलनकारी संघ ने सड़क की बदहाल स्थिति के लिए भारी वाहनों के लगातार परिचालन को जिम्मेदार ठहराया है. लोगों का कहना है कि क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों के चलने से कई जगह सड़क धंस गयी है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता. इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है.
हायवा पलटने और दूसरे हायवा के फंसने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई. स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहनों का परिचालन होता है, लेकिन नियमित मरम्मत नहीं होने से सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है.
15 दिनों में सड़क नहीं बनी तो अनिश्चितकालीन बंद
झारखंड आंदोलनकारी संघ ने सड़क पर फंसे भारी वाहनों को तत्काल हटाने और मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है. संघ के अध्यक्ष धनपति सरदार ने कहा कि सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत नहीं करायी गयी, तो राजनगर-सरायकेला मुख्य मार्ग को अनिश्चितकालीन बंद कर दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि भारी वाहनों के परिचालन से सड़क को हो रहे नुकसान को देखते हुए संबंधित कंपनी और विभाग को सड़क की मजबूती और नियमित मरम्मत पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
आंदोलनकारी संघ ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क पर फंसे वाहनों को हटाने, आवागमन सुचारु कराने और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है. मौके पर धनपति सरदार, सोनाराम सोरेन, सुखलाल हेम्ब्रम, लखिन्द्र पुरती, सेलाई बानरा, हरिचरण पाड़ेया आदि उपस्थित थे.
