चांडिल/चौका.
चांडिल के प्रसिद्ध जयदा मंदिर के समीप सुवर्णरेखा नदी में नहाने के दौरान डूबे जमशेदपुर सोनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत पंचवटी नगर, सिद्धू-कान्हू बस्ती, जोन नंबर-2 निवासी प्रेम कुमार उर्फ बल्लू (23) का शव 24 घंटा के बाद नदी से बाहर निकाला गया. एनडीआरएफ की टीम ने मंगलवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे नदी से बल्लू के शव को बरामद किया. मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे एनडीआरएफ की टीम जयदा सुवर्णरेखा नदी घाट में डूबे बल्लू को खोजने के लिए नदी में उतरे. पूरे नदी में लगातार छानबीन के बाद एनडीआरएफ की टीम करीब 9 घंटे के काफी मशक्कत के बाद बल्लू के शव को शाम साढ़े पांच बजे नदी से निकाला. नदी के ऊपरी भाग में छानबीन के बाद एनडीआरएफ की टीम पानी के भीतर गया और वहीं से बल्लू के शव को बाहर निकाला. बेटे के शव को देखते ही बल्लू के माता- पिता चीत्कार मार कर रोने लगे. शव को देख कर मां बेसुध भी हो गयी. मौके पर मौजूद परिवार के कई लोगों ने बल्लू के माता- पिता को मौके से लेकर चले गये. उसके बाद चौका पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया.मंदिर में पूजा करती रही बल्लू की मां
अपने बेटे बल्लू की सही सलामत होने को लेकर उसकी मां मंगलवार को पूरे दिन जयदा मंदिर में पूजा करती रही. भगवान शिव के मंदिर में माथा टेकने के बाद वह पूरे दिन भगवान से प्रार्थना करती रही. वहीं बल्लू के पिता भी बेटे की सलामती के लिए मंदिर में पूजा करते रहे. लेकिन भगवान को कुछ ओर ही मंजूर था. वहीं बेटा का शव देखते ही बल्लू के माता- पिता का रो-रो कर बेहाल हो गए. बेटे के शव को देख कर मां बार बार बेहोश हो रही थी. परिजनों ने बताया कि बल्लू पढ़ाई में काफी तेज था. वह इंजीनियरिंग की परीक्षा की तैयारी कर रहा था.ऐसे हुई घटना
जानकारी के अनुसार प्रेम कुमार उर्फ बल्लू अपने दोस्त आशुदेव कुमार के साथ सोमवार को बाइक से चांडिल क्षेत्र घूमने के लिए निकला था. इसके बाद शाम को वे जयदा मंदिर के पास पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी बाइक खड़ी कर दी औमंदिर परिसर के नीचे स्थित सुवर्णरेखा नदी घाट की ओर चले गए. घाट पर बने सीढ़ी के पास दोनों ने अपने कपड़े उतारे और फिर बल्लू नदी के पानी में उतर गया. उसी समय उसका दोस्त आशुदेव कुमार किनारे पर खड़े होकर वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था. शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर बाद बल्लू गहरे पानी की ओर चला गया. शाम का समय होने के कारण नदी के आसपास कोई नहीं था. इसके बाद मंगलवार शाम को उसका शव बरामद किया गया.
